कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में कुछ दिन पहले हुई भीषण आगजनी की घटना ने अब नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पार्वती वैली के डढई गांव में हुई आगजनी की घटना कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी। मामले में पुलिस ने चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है।
किसने लगाई थी आग और क्यों?
पुलिस जांच के अनुसार, डढई गांव की एक महिला की शादी इसी गांव में हुई थी। आरोप है कि उसके पति ने बिना सहमति के तीसरी शादी कर ली। इसी बात को लेकर महिला लंबे समय से मानसिक तनाव और गुस्से में थी।
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पति ने की तीसरी शादी
पति की इस हरकत से आहत होकर महिला ने कथित तौर पर अपनी तीन अन्य रिश्तेदार महिलाओं के साथ मिलाकर साजिश रची। इस साजिश के तहत महिल ने पति के घर में आग लगा दी। इस घटना में दो रिहायशी मकान, एक देवता का भंडार और एक अन्य भवन पूरी तरह जलकर राख हो गया।
चार भवन जलकर हुए राख
आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही समय में चार भवन इसकी चपेट में आ गए। देवता के भंडार में रखा पूजा-सामान, अनाज और अन्य धार्मिक वस्तुएं भी पूरी तरह नष्ट हो गईं, जिससे ग्रामीणों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
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दो परिवार हुए बेघर
इस आगजनी की घटना ने दो परिवारों को पूरी तरह बेघर कर दिया। एक प्रभावित परिवार फिलहाल अपनी गौशाला में रहने को मजबूर है, जबकि दूसरा परिवार पास के गांव में स्थित अपने पुराने मकान में शरण लिए हुए है। ठंड और सीमित संसाधनों के बीच इन परिवारों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना भी चुनौती बन गया है।
चार महिलाएं हुई अरेस्ट
घटना के बाद पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। जांच के दौरान पुलिस को आगजनी के पीछे पारिवारिक विवाद और बदले की भावना के संकेत मिले। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों महिलाओं को गिरफ्तार किया और उन्हें अदालत में पेश किया। कोर्ट ने पुलिस को चार दिन का रिमांड दिया है, ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके।
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पूछताछ जारी और खुलासों की उम्मीद
पुलिस चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आगजनी की पूरी योजना कैसे बनाई गई, आग किस तरह लगाई गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय गांव में सुरक्षा व्यवस्था या आसपास के लोगों की मौजूदगी क्या थी।
मामले की हो रही गहन जांच
इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक मदन लाल ने चार महिलाओं की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि आगजनी एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गांव में भय और आक्रोश का माहौल
घटना के बाद डढई गांव में डर और आक्रोश दोनों का माहौल है। जहां एक ओर लोग इस तरह की हिंसक घटना से सहमे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर देवता के भंडार को नुकसान पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी भी है। लोग मांग कर रहे हैं कि दोषियों को सख्त सजा मिले और प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से उचित सहायता दी जाए।
