सोलन। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा नशे के सौदागरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस टीम आए दिन नशा तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल रही है। इसी कड़ी में अब ताजा मामला सोलन जिले से सामने आया है- जहां पर पुलिस टीम ने तीन युवकों को नशे की खेप के साथ पकड़ने में सफलता हासिल की है।
चिट्टे समेत 3 अरेस्ट
बताया जा रहा है कि पुलिस टीम को ये सफलता गुप्त सूचना के आधार पर मिली है। पुलिस टीम की SIU ने सोलन शहर से तीन युवकों को चिट्टा (हेरोइन) की खेप के साथ गिरफ्तार किया है।
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पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम नियमित गश्त पर थ। इसी दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बोलेरो नंबर T-03-5-HP-2200 में तीन युवक चिट्टे की खेप लेकर जा रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शहर में स्थित आयुष होम स्टे के पास युवकों की गाड़ी को रोक लिया।
घेराबंदी कर पकड़े युवक
पुलिस टीम ने बिना देरी किए युवकों की गाड़ी को घेर लिया और तलाशी लेना शुरू कर दी। तलाशी के दौरान पुलिस को बोलेरो में से 4 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बोलेरो में सवार तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया।
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आरोपियों की पहचान
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी शिमला के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान-
- रामेश्वर ठाकुर (35) निवासी गांव जटोली
- अनिल शर्मा (36) निवासी गांव मुंडाघाट
- राम बहादुर(34) निवासी गांव कलावग
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रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
मामले की पुष्टि करते हुए SP सोलन ने बताया कि तीनों आरोपियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इस नशा तस्करी से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीम द्वारा मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। युवकों से पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है कि वो ये खेप कहां से लाए थे और कहां लेकर जा रहे थे। उम्मीद है अभी इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
धड़ल्ले से हो रही नशा तस्करी
हिमाचल पुलिस इस बढ़ते खतरे को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। नियमित चेकिंग, स्पेशल ऑपरेशनों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कई तस्करों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। फिर भी कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और शिमला जैसे जिले नशा तस्करी के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। यह न सिर्फ एक सामाजिक संकट है, बल्कि हिमाचल की शांत और धार्मिक छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। समय आ गया है कि नशे के खिलाफ सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ समाज भी एकजुट होकर लड़ाई लड़े, ताकि प्रदेश की आने वाली पीढ़ी को इस अंधेरे दलदल से बाहर निकाला जा सके।
