#अव्यवस्था
May 26, 2026
हिमाचल पंचायत चुनाव : बूथ बना अखाड़ा...वोटिंग के लिए चले दो पक्षों में जमकर लात-घूसे
विवाद के कारण कई जगहों पर थमा मतदान
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ऊना। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान कई मतदान केंद्रों पर तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। ऊना, सोलन और शिमला जिलों में अलग-अलग घटनाओं ने चुनावी माहौल को गरमा दिया।
कहीं बूथ के बाहर धक्कामुक्की के बाद मारपीट हुई तो कहीं मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठने से लोगों में नाराजगी फैल गई। हालांकि पुलिस और प्रशासन की तत्परता के चलते हालात को जल्द काबू में कर लिया गया।
सोलन जिले के नालागढ़ के अंतर्गत दून विधानसभा क्षेत्र के शीतलपुर मतदान केंद्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वोट डालने पहुंचे दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि बूथ के बाहर लगी लाइन में आगे-पीछे होने को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
कुछ ही देर में बहस तेज हो गई और दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे से उलझ पड़े। देखते ही देखते माहौल इतना गर्म हो गया कि बूथ परिसर में धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई।
अचानक हुए हंगामे से मतदान केंद्र पर मौजूद लोग घबरा गए। कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग कर हालात शांत करवाए। स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा मतदान शुरू कराया गया।

उधर, ऊना जिले के हरोली क्षेत्र की बीटन पंचायत में भी मतदान के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। यहां पोलिंग को लेकर उम्मीदवार समर्थकों के बीच विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों में पहले तीखी बहस हुई और बाद में मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि बूथ के अंदर ही दोनों गुट आमने-सामने आ गए, जिससे वहां मौजूद मतदाताओं में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करने की अपील भी की।
वहीं, शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र की ब्रांदली पंचायत में भी मतदान प्रक्रिया को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। यहां वोटिंग के दौरान नोटा स्टेंप के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप लगाए गए कि मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, जिसके चलते सुबह से मतदान शुरू ही नहीं हो पाया।
मतदान केंद्र के बाहर बड़ी संख्या में लोग धूप में खड़े होकर वोट डालने का इंतजार करते रहे। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। दोपहर बाद तक भी मामला पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका, जिससे लोगों में रोष बना रहा।
पंचायत चुनाव के दौरान हुई इन घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आए। जहां-जहां विवाद की स्थिति बनी, वहां तुरंत पुलिस बल भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी और किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।