मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले को इस बार मानसून कभी ना भरने वाले जख्म दे गया है। बीते दिनों हुई त्रासदी में बहुत कुछ तबाह हो गया है। इस आपदा मेंअब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 31 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं, थुनाग क्षेत्र में हुई तबाही में उपमंडल बल्ह का एक शिक्षक के लापता होने के आशंका जताई जा रही है।
त्रासदी में शिक्षक लापता
बताया जा रहा है कि बीते सोमवार को शिक्षक सोहन सिंह घर से स्कूल जाने के लिए निकले थ। मगर मौसम खराब होने के चलते वो डेसी गांव में अपने किसी परिचित के पास ठहर गए। उसी रात परिचित का मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। उसके बाद से ही शिक्षक का कुछ अता-पता नहीं चल पा रहा है।
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शिक्षक की पत्नी के आरोप
वहीं, शिक्षक सोहन सिंह की पत्नी भावना देवी का आरोप है कि मौसम को देखते हुए सरकार ने स्कूलों में छुट्टियां घोषित की हैं। बावजूद इसके शिक्षकों को स्कूल आने के आदेश दिए गए थे। शिक्षकों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
सरकारी आदेशों के चलते गए ड्यूटी
भावना देवी ने बताया कि सोमवार को पूरा परिवार सोहन को स्कूल जाने से मना कर रहा था। मगर सरकारी आदेशों के चलते सोहन घर से ड्यूटी पर जाने के लिए निकल गए। सोहन को लापता हुए चार दिन हो गए हैं और उनका कुछ अता-पता नहीं चल पा रहा है
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लापता शिक्षक की पहचान
लापता शिक्षक की पहचान 45 वर्षीय सोहन सिंह के रूप में हुई है- जो कि भ्यूरा गांव के रहने वाले थे। सोहन सिंह हेलन हाई स्कूल में TGT गणित पद पर कार्यरत थे। सोहन के लापता होने के परिवार काफी परेशान हैं। परिवार उनके सही-सलामत मिलने की कामना कर रहा है।
15 जगह फटे बादल, 14 की मौत, 31 लापता
सोमवार रात मंडी जिला में 15 अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आईं, जिनमें अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 31 लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारी बारिश और बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे इलाके को तहस-नहस कर दिया है।
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सराज विधानसभा क्षेत्र: तबाही का केंद्र
मंडी जिले में 168 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से अधिकतर सराज विधानसभा क्षेत्र में स्थित हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि पूरे प्रदेश में बारिश से जितना नुकसान हुआ है, उसका कई गुना अधिक नुकसान सिर्फ सराज में हुआ है। कई सड़कें टूट चुकी हैं, संपर्क मार्ग बंद हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
