सोलन। हिमाचल प्रदेश में कानून का राज कितनी बुरी तरह बेजान पड़ा है, इसकी ताज़ा मिसाल नालागढ़ में खनन माफिया द्वारा पुलिस पर हमले से सामने आई है। अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर माफिया ने जेसीबी मशीन से हमला कर दिया। इस बर्बरता में एक जवान की टांग टूट गई और उसे गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
हत्या की कोशिश का मामला
जोगों पुलिस चौकी से छह सदस्यीय टीम जब बघेरी की लुहन खड्ड में अवैध खनन रोकने पहुंची, तो खनन माफिया ने जेसीबी से हमला किया। सिपाही ही नहीं, एक स्थानीय ग्रामीण भी इस हमले में घायल हुआ। मामला हत्या के प्रयास में दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों—रवि दास और रूप लाल—को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मुख्य आरोपी निर्मल उर्फ नींबू अभी फरार है।
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सात JCB और दस टिप्पर जब्त, पुलिस सख्त
बद्दी पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए सात JCB मशीनें और दस टिप्पर जब्त कर लिए हैं। डीएसपी नालागढ़ भीषम ठाकुर ने कहा कि पुलिस इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और फरार आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
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पर्यावरण और जनसुरक्षा दोनों खतरे में
स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया कि रात के अंधेरे में JCB और टिप्पर आते हैं। विरोध करो तो धमकी मिलती है। लुहन खड्ड में लगातार अवैध खनन से न केवल जल स्रोतों का स्वरूप बिगड़ा है बल्कि खेतों की उर्वरता भी घट गई है।
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सवालों के घेरे में प्रशासन
यह पहली बार नहीं है जब खनन माफिया ने हिमाचल में कानून के रक्षकों पर हमला किया हो। ऐसे में सवाल उठता है—क्या प्रशासन माफिया के आगे घुटने टेक चुका है? क्या एक जवान की टांग टूटने के बाद भी सरकार नींद से जागेगी? देखना रहेगा कि आने वाले समय में इस पूरे मामले में क्या नया मोड़ आएगा।
