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April 23, 2025
कर्ज का पहाड़ : अप्रैल में दूसरी बार 500 करोड़ का लोन लेने जा रही सुक्खू सरकार
विकास से ज़्यादा ब्याज पर जा रहा पैसा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले ही माह में दूसरी बार कर्ज लेने की तैयारी कर रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार इस बार 500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। इससे पहले इसी अप्रैल महीने में ही 900 करोड़ का आवेदन किया गया था।
मार्च महीने में भी सरकार दो बार कर्ज ले चुकी है – एक बार 337 करोड़ और दूसरी बार 322 करोड़ रुपए का लोन लिया गया है। यानी बीते डेढ़ महीने में ही सरकार 2,059 करोड़ का ऋण लेने की प्रक्रिया में है।
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वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल 29,046 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा चुका है। इसमें से चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि 12,266 करोड़ रुपए केवल ब्याज भुगतान में खर्च हो गए, जबकि विकास कार्यों के लिए मात्र 8,693 करोड़ रुपए ही उपलब्ध हो पाए।
इस असंतुलन से साफ है कि राज्य की वित्तीय हालत लगातार खस्ता हो रही है और नई योजनाओं में निवेश की संभावना लगातार सिकुड़ रही है।
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500 करोड़ के नए ऋण के साथ हिमाचल प्रदेश का कुल कर्ज 98,675 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। यह राज्य की कुल जीएसडीपी का बड़ा हिस्सा है और चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि इसका सीधा असर भविष्य की योजनाओं, नौकरियों और जन कल्याण योजनाओं पर पड़ सकता है।
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राज्य सरकार की इस कर्ज नीति को लेकर विपक्ष पहले से ही निशाना साध रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार हर माह कर्ज ले रही है लेकिन विकास की जमीनी तस्वीर जस की तस है। बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाएं और अधूरे प्रोजेक्ट्स का बोझ पहले से ही जनता झेल रही है।