ऊना। हिमाचल प्रदेश में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं समाज के लिए गहरी चिंता का विषय बनती जा रही हैं। ऐसा ही एक मामला हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से सामने आया है। जहां एक महिला ने किराए के मकान में फंदा लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। यह घटना न केवल व्यक्तिगत पीड़ा को उजागर करती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद की गंभीर कमी की ओर भी इशारा करती है।
महिला ने की आत्महत्या
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना ऊना जिला के पुलिस थाना अंब क्षेत्र के तहत मंगलवार रात की है। यहां एक प्रवासी महिला ने घरेलू तनाव के चलते कमरे में फंदा लगा लिया। महिला ने यह खौफनाक कदम उस समय उठाया, जब उसका पति और बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। मृतक महिला की पहचान 36 वर्षीय भूरी निवासी उत्तर प्रदेश के कासगंज जिला के रूप में हुई है।
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कमरे के अंदर लटकी मिली महिला
भूरी अपने पति और बच्चों के साथ अंब के वार्ड नंबर तीन में किराये के मकान में रहती थी। घटना के समय उसका पति और बच्चे दूसरे कमरे में मौजूद थे। इसी बीच महिला ने खुद को अलग कमरे में बंद कर लिया। जब काफी देर तक कमरे से कोई हरकत सुनाई नहीं दी तो पति और बच्चे मां को देखने कमरे में गए। काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर परिवार ने खिड़की की जाली हटाकर भीतर प्रवेश किया और भूरी को फंदे पर लटका पाया। उसे तुरंत सिविल अस्पताल अंब ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी अनिल उपाध्याय ने बताया कि महिला का पोस्टमार्टम क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच संबंधित धाराओं के तहत जारी है।
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एक माह में आत्महत्या की पांचवी घटना
बता दें कि अंब क्षेत्र में पिछले एक महीने के भीतर आत्महत्या की यह पांचवीं घटना है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करती हैं। क्या हम मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को समय पर सहायता प्रदान कर पा रहे हैं। क्या घरेलू कलह और आर्थिक दबाव जैसी समस्याओं से लड़ने के लिए हमारे पास पर्याप्त सामाजिक और संस्थागत ढांचे हैं।
