सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की में एक व्यक्ति ने अपना खेत फसल उगाने के लिए नेपाली मूल के एक व्यक्ति को दिया और बेखबर हो गया। उधर, नेपाली ने एक साल में खेत में नशे की पूरी फसल ही उगा डाली।
ऐसे पकड़ में आया
इस बात का पता अर्की पुलिस को तब लगा, जब पुलिस की गश्ती टीम 16 अप्रैल को एक खेत में अफीम के 140 पौध नजर आए। पुलिस ने सारे पौधों को जब्त कर मामला दर्ज कर लिया।
एक साल से उगा रहा था अफीम
जांच में पुलिस को पता चला कि जिस व्यक्ति के नाम पर जमीन थी, उसने बटाई (ठेके पर ) पर खेत अमर, पुत्र साहाबीर, निवासी नेपाल को खेती करने को दी थी। लेकिन अमर उस जमीन पर अफीम की खेती करने लगा। पुलिस ने अमर को गिरफ्तार किया है। उसने पुलिस को बताया कि वह एक साल से खेत में अफीम उगा रहा था। अमर तनसेटा गांव में ही रहता है। अब अर्की पुलिस उससे यह जानने की कोशिश में है कि वह अफीम उगाकर किसे बेचता था और खरीदने वाला उस अफीम का क्या करता था। अमर के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।
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अफीम उगाने पर बैन है
आपको बता दें कि भारत में अफीम उगाने पर बैन है। सरकारें अफीम की नियंत्रित खेती का लाइसेंस देती हैं, जिसमें किसानों को अफीम का प्रति किलो 850 से 3500 रुपये तक भाव मिलता है, जो घरेलू बाजार में औसतन 1100-1800 रुपये प्रति किलो की आय दे जाता है। लेकिन अवैध काले बाजार में अफीम की कीमत 60,000 से 1.5 लाख रुपये प्रति किलो तक हो सकती है।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च गुणवत्ता वाली अफीम की कीमत 10-12 लाख रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है। इसका एक खास कारण यह है कि अफीम हेरोइन, मॉर्फीन, कोडीन और थेबैन जैसे मादक पदार्थ बनाए जाते हैं, जिनकी अंतर्राष्टीय बाजार में कीमत करोड़ों में होती है।
