ज्वालामुखी (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के एक शांतिपूर्ण गांव में धार्मिक तनाव की आहट ने प्रशासन, स्थानीय लोगों और नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। धर्मांतरण का यह मामला हिमाचल के दिल्ली में बैठे भाजपा के एक बड़े नेता के गांव से सामने आया है। जिसको लेकर अब ग्रामीण मुखर हो गए हैं। लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंप इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर दी है।

भाजपा नेता के गांव में धर्मांतरण गतिविधियां

दरअसल यह मामला ज्वालामुखी उपमंडल की ग्राम पंचायत लगडू के तली गांव से सामने आया है। यह गांव भारतीय जनता पार्टी भाजपा के वरिष्ठ संगठन मंत्री पवन राणा का पैतृक गांव है। इस गांव में धर्मांतरण की कथित गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी ईसाई मिशनरी संगठन गांव में चुपचाप प्रचार गतिविधियां चला रहे हैं और आर्थिक मदद,चमत्कारी इलाज तथा अन्य प्रलोभनों के जरिए कुछ लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

 

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भाजपा नेता का गांव बना टारगेट

यह मामला इसलिए और भी संवेदनशील हो गया है, क्योंकि तली गांव भाजपा के संगठन मंत्री पवन राणा से सीधा जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने जानबूझकर इस गांव को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई है और इसे आरएसएस से जुड़े राष्ट्रवादी विचारों के खिलाफ एक सोची समझी साजिश बताया है। स्थानीय नेताओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया है कि जब आसपास कई गांव हैं, तो मिशनरी तली गांव में ही बार-बार क्यों सत्संग और प्रचार कर रहे हैं?

 

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ग्रामीण बोले-खतरे में गांव का भाईचारा

ज्ञापन में कहा गया है कि इन गतिविधियों से गांव का सांप्रदायिक सौहार्द और वर्षों पुराना भाईचारा खतरे में पड़ रहा है। ग्राम पंचायत लगडू के प्रधानए उपप्रधानए सदस्य और साथ लगते हरदीपपुर व पुखरु गांव के प्रतिनिधियों ने इस पर हस्ताक्षर कर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं भाजपा नेता पवन राणा के समर्थकों ने भी इस घटनाक्रम को गंभीर चिंता का विषय बताया है और धर्मांतरण के प्रयासों को सीधे तौर पर गांव की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय विचारधारा के खिलाफ हमला करार दिया है।

 

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ग्रामीणों की पांच मुख्य मांगें

  • धर्मांतरण की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित हो।
  • प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
  • बाहरी फंडिंग और बैंक खातों की गहन जांच हो।
  • गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएए ताकि ग्रामीण बहकावे में न आएं।
  • भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट प्रशासनिक आदेश जारी हों।

भविष्य की शांति के लिए कड़ा रुख जरूरी

गांव के वरिष्ठ नागरिक भवानी शंकर ने चिंता जताई कि यदि समय रहते इन गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश नहीं लगाया गया तो गांव में वैमनस्यता, सामाजिक तनाव और कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से संविधान सम्मत धार्मिक स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए ऐसी ताकतों पर लगाम कसने की मांग की।

 

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प्रशासन ने लिया संज्ञान

एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि ज्ञापन प्राप्त हो चुका है और इस पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की सांप्रदायिक शांति को भंग करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

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