हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में आत्महत्याओं के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ज्यादातर युवा पीढ़ी छोटी छोटी परेशानियों से हार मान कर अपनी जिंदगी को खत्म कर रही है। ऐसा ही एक मामला हिमाचल के हमीरपुर जिला से सामने आया है। हमीरपुर जिले के भोरंज उपमंडल के अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव भौर से सामने आए इस मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

बी फार्मेसी के छात्र ने छोड़ी दुनिया

यहां बी फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा 25 वर्षीय युवक निशांत शर्मा ने कथित तौर पर किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह हृदयविदारक घटना 15 अगस्त की शाम की बताई जा रही है, जब देश आज़ादी का जश्न मना रहा था, वहीं एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

यह भी पढ़ें : भारी बारिश से किन्नौर में तबाही- स्पीति से कटा संपर्क, सेब बागवानों को बड़ा नुकसान

युवक ने निगल लिया जहरीला पदार्थ

प्राप्त जानकारी के अनुसार निशांत ने अज्ञात कारणों से शाम क़रीब 4 बजे कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। जैसे ही परिजनों को इसकी जानकारी मिली, वे उसे तुरंत हमीरपुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्क्षण एम्स रैफर कर दिया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद युवक ने शनिवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

यह भी पढ़ें : हिमाचल यूथ कांग्रेस में घमासान: राजा और सुक्खू गुट आमने-सामने, भूख हड़ताल तक पहुंचा मुद्दा

परिवार को लगा गहरा सदमा

भौर गांव का रहने वाला निशांत शर्मा बी फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा था। जवान बेटे की असमय हुई मृत्यु से पूरा परिवार सदमे में है। मृतक युवक की मां बेटे का शव देख कर बेसुध हो रही है। वहीं इस घटना से परिवार के साथ साथ पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर एक होनहार युवा को ऐसा कदम उठाने पर किस परिस्थिति ने मजबूर कर दिया।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: किराये पर रह रहे तीन पंजाबी युवकों के पास मिली पि*स्तौ*ल और 11 जिंदा कारतूस 


जाहू पुलिस चौकी प्रभारी फिरोज अख्तर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल से युवक की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया और आगामी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आज शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। वहीं यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर युवक ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया। 

युवाओं में आत्महत्या के बढ़ते मामले

इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश और देश में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवा, जो देश का भविष्य माने जाते हैं, आखिर किन कारणों से जीवन से हार मान रहे हैं। मानसिक दबाव, करियर को लेकर चिंता, पारिवारिक तनाव या फिर सोशल मीडिया से उपजा असंतोष  इन तमाम कारकों की गहराई से पड़ताल करना समय की मांग है। निशांत की मौत सिर्फ एक परिवार का व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें।