#अपराध
August 16, 2025
हिमाचल: किराये पर रह रहे तीन पंजाबी युवकों के पास मिली पि*स्तौ*ल और 11 जिंदा कारतूस
नशे की सूचना पर तलाशी लेने पहुंची थी पुलिस, मिल गई पिस्तौल और कारतूस
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में पड़ोसी राज्य के युवकों ने एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। राजधानी शिमला में किराये के मकान में रह रहे तीन पंजाबी युवकों के कमरे में पुलिस नशे की तलाश में पहुंची थी, लेकिन पुलिस को इनके कमरे से नशा तो नहीं मिला, पर जो कुछ मिला, उसे देख कर पुलिस के भी पैरों तले जमीन खिसक गई। इन तीन युवकों के कमरे से पुलिस को एक पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
मामला राजधानी शिमला के टुटू क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवकों के पास से एक अवैध पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। गिरफ्तार सभी युवक पंजाब के रहने वाले हैं और शिमला में एक निजी भवन में किराए पर रह रहे थे।
जानकारी के अनुसार शिमला पुलिस की स्पेशल ब्रांच में तैनात एएसआई सुशील कुमार अपनी टीम के साथ तवी मोड़ क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि टुटू स्थित बाबूराम भवन की पहली मंजिल पर तीन संदिग्ध युवक ठहरे हुए हैं, जो नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त हो सकते हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में कमरे की तलाशी ली गई। हालांकि तलाशी के दौरान कोई नशीली सामग्री बरामद नहीं हुई, लेकिन एक बिना लाइसेंस की पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस युवकों के कब्जे से पाए गए। इस पर तीनों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान 27 वर्षीय गुरजीत सिंह पुत्र सरदार सिंह निवासी गांव रानीवाला तहसील मलोट जिला मुक्तसर पंजाब, 24 वर्षीय प्रदीप कुमार उर्फ सुखा पुत्र सूरजभान निवासी गांव संपावली पंजाब और 27 वर्षीय जगपाल सिंह पुत्र मघ्घर सिंह निवासी गांव जंडावाला हनुमता तहसील अबोहर जिला फाजिल्का पंजाब के रूप में हुई है।
पुलिस ने तीनों युवकों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की तफ्तीश जारी है। जांच अधिकारी का कहना है कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार और कारतूस कहां से लाए गए थे और उनका मकसद क्या था। क्या ये किसी आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, या फिर हथियार सिर्फ दिखावे के लिए रखे गए थे। इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से सवाल उठाए हैं कि आखिर कैसे बाहरी राज्यों से आने वाले लोग आसानी से हथियार लेकर शहर में प्रवेश कर लेते हैं। लोगों का कहना है कि यदि राज्य की सीमाओं पर कड़ी निगरानी होती, तो इस तरह की घटना नहीं होती।
इस घटना के बाद शिमला पुलिस ने जिले में किराए पर रह रहे बाहरी लोगों की जांच.पड़ताल तेज कर दी है। होटलों, गेस्ट हाउसों और निजी भवनों में रहने वाले व्यक्तियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।