#राजनीति
August 16, 2025
हिमाचल यूथ कांग्रेस में घमासान: राजा और सुक्खू गुट आमने-सामने, भूख हड़ताल तक पहुंचा मुद्दा
सोलन प्रभारी पद से हटाई गईं, जांच के बाद मिली क्लीन चिट
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस (युकां) इन दिनों गुटबाजी और आंतरिक विवादों से जूझ रही है। मामला तब तूल पकड़ गया जब पार्टी की उपाध्यक्ष अनु मराठा को नगरोटा बगवां में हुई स्टेट एग्जीक्यूटिव मीटिंग के दौरान धमकियां दी गईं। इसके विरोध में अनु ने तीन दिन तक भोजन त्याग दिया और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
जुलाई के पहले सप्ताह में नगरोटा बगवां में युकां की स्टेट एग्जीक्यूटिव मीटिंग आयोजित हुई। बैठक में भारतीय युवा कांग्रेस महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी विनित कंबोज, सह प्रभारी योगेश हांडा और प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर मौजूद रहे। इसी दौरान अनु पर अनुशासनहीनता और लापरवाही के आरोप लगाकर उन्हें सोलन प्रभारी पद से हटा दिया गया।
अनु ने आरोप लगाया कि नालागढ़ युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय राणा के रिश्तेदार समर ने उन्हें मीटिंग के दौरान धमकाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में FIR दर्ज करवाई और कांग्रेस हाईकमान को भी शिकायत भेजी।
विवाद के बाद अनु की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उन्होंने अस्पताल में रहते हुए भोजन त्याग दिया और राष्ट्रीय नेतृत्व से मिलने की जिद पर अड़ी रहीं। मामला बढ़ता देख अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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AICC के निर्देशों पर इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। जांच में अनु को क्लीन चिट दी गई। रिपोर्ट के आधार पर सोलन जिला अध्यक्ष सचिन चौधरी को निष्क्रियता के चलते निलंबित कर दिया गया और गुरुदास चौधरी को नया अध्यक्ष बनाया गया। नालागढ़ अध्यक्ष उदय राणा को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी हरकत दोहराने पर उन्हें सस्पेंड किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट के बाद अनु मराठा को प्रदेश युवा कांग्रेस के रिसर्च विभाग का प्रभारी और किन्नौर जिला का प्रभारी नियुक्त किया गया। इससे पहले उन्हें अनुशासनहीनता का दोषी मानकर पद से हटाया गया था।
युवा कांग्रेस में यह विवाद गुटबाजी का परिणाम बताया जा रहा है। अनु मराठा को होली लॉज समर्थक माना जाता है, जबकि मौजूदा अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के करीबी माने जाते हैं। अनु का नालागढ़ विधायक बाबा हरदीप सिंह से मिलना स्थानीय युकां नेताओं को नागवार गुजरा। इसी गुटबाजी ने संगठन को भीतर से हिला दिया और हाईकमान को दखल देना पड़ा।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर का कहना है कि संगठन ने अनुशासनात्मक नियमों के तहत कार्रवाई की थी। अनु की बहाली जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है। FIR और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही अनु को पद से हटाया गया था।