ऊना। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में आए दिन महिलाओं व बेटियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इस कड़ी में ताज़ा मामला प्रदेश के जिला ऊना से सामने आया है, जहां गगरेट क्षेत्र के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर पर आशा वर्कर्ज ने दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर सभी आशा वर्कर्ज में गहरा आक्रोश है और अब यह प्रकरण उच्च स्तर तक पहुंच चुका है।

विधायक से लगाई न्याय की गुहार

आशा वर्कर्ज इस मामले को लेकर इतना परेशान हो गईं कि उन्हें न्याय के लिए स्थानीय विधायक राकेश कालिया की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने विधायक को अपनी समस्याएं बताईं और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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करीब 35 आशा वर्कर्ज ने संयुक्त रूप से एक हस्ताक्षरित शिकायत पत्र में डॉक्टर के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि उनका व्यवहार उचित नहीं है और कार्यस्थल पर उनके साथ अनुचित तरीके से पेश आते हैं। आशा वर्कर्ज के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को शिकायत पत्र सौंपा, जिसके बाद विधायक राकेश कालिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि उचित जांच करवाई जाएगी और दोषी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई शिकायत

विधायक कालिया ने कहा कि आशा वर्कर्ज द्वारा दी गई शिकायत को स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया गया है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्ज स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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सीएमओ ने दिए जांच के आदेश

इस पूरे मामले में सीएमओ ऊना डॉ. संजीव वर्मा ने भी तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसमें पूरी निष्पक्षता के साथ जांच की जाएगी। यदि डॉक्टर दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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आशा वर्कर्ज की भूमिका अहम

आशा वर्कर्ज ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। वे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत रहती हैं। ऐसे में यदि उनके साथ दुर्व्यवहार होता है, तो यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक चिंताजनक स्थिति है। बहरहाल, अब इस मामले की जांच का क्या निष्कर्ष निकलता है, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन आशा वर्कर्ज को न्याय दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

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