मंडी। हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर उपमंडल की पलाहोटा पंचायत में रहने वाले पुलिस विभाग का कांन्सटेबल अजय कुमार बीते 3 साल से लापता चल रहे हैं, लेकिन अब तक पुलिस विभाग अपने ही जवान का सुराग नहीं ढूंढ पाया है। अजय के बुजुर्ग माता-पिता चूड़ा राम और मथुरा देवी की आंखों का पानी सूख चुका है और वे अब बेटे की वापसी का इंतजार करते हुए हर दिन बिता रहे हैं। 

बुजुर्ग माता-पिता का इकलौता सहारा 

अजय कुमार, अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था। उसकी माता ने दुख भरे शब्दों में कहा कि उन्होंने अपने बेटे को मंदिर में मन्नतों के बाद मांगा था। वे अपनी गरीबी में भी बेटे की पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान देते हुए उसे पुलिस विभाग में भर्ती करवाने में सफल रहे थे। लेकिन अब तीन सालों से पुलिस अधीक्षक मंडी के भरपूर आश्वासन के बावजूद, अजय का कोई सुराग नहीं मिला है। 

 

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पुलिस विभाग की निष्क्रियता

परिजनों का कहना है कि पुलिस विभाग के अधिकारी हर महीने उनसे पूछताछ करने के लिए घर आते हैं, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाया गया। अजय के पिता ने बताया कि उनके बेटे की शादी की तैयारियां चल रही थीं और वह पुलिस थाना हटली में अपनी ड्यूटी पर तैनात था, जब वह अचानक लापता हो गया। अजय के चाचा लीलाधर ने बताया कि पुलिस प्रशासन से मदद की कोई उम्मीद नहीं रही है, और यह सिर्फ एक बेमानी प्रक्रिया बनकर रह गई है।

 परिवार की अपील

अजय कुमार के ताया और पूर्व प्रधान, खूब राम ने कहा कि बेटे को ढूंढते-ढूंढते उनकी आंखें नम हो चुकी हैं। अजय एक अच्छा स्पोर्ट्समैन और मिलनसार व्यक्तित्व का धनी था और अब उसके परिवार को उसके लौटने का कोई आसरा नहीं दिख रहा है। अजय के माता-पिता और अन्य परिवार के सदस्यों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि पुलिस विभाग उन्हें उनके लापता बेटे का सुराग दे और उन्हें उनका बेटा वापस कर दे। 

 

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सीएम से उम्मीदें

परिजनों ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन और पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा से अपील की है कि लापता कांस्टेबल अजय कुमार को ढूंढ कर उनके माता-पिता के सुपुर्द किया जाए। उनका कहना है कि पुलिस विभाग का यह कर्तव्य बनता है कि वह अपने लापता जवान को ढूंढे और उसे परिवार से मिलवाए। अजय के परिवार ने मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया है कि वह इस मामले में व्यक्तिगत रूप से ध्यान दें और अजय को ढूंढने की प्रक्रिया में मदद करें। 

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