सिरमौर। हिमाचल प्रदेश की युवा पीढ़ी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन हौसले और मेहनत की कोई सीमा नहीं होती। सिरमौर जिला के राजगढ़ क्षेत्र के गांव शमोगा के एक साधारण किसान परिवार के बेटे और बेटी ने एक साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित UGC-NET परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे परिवार के साथ-साथ गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

 

खेतों में दिन-रात मेहनत करने वाले पिता के बेटे जगदीश चौहान और बेटी सपना चौहान ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। एक ही घर के दो बच्चों की एक साथ सफलता से शमोगा गांव सहित पूरे राजगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीण दोनों भाई-बहन की उपलब्धि को मेहनत, लगन और ग्रामीण परिवेश में पल रही प्रतिभा की शानदार मिसाल बता रहे हैं।

एक घर, दो बच्चे और दो बड़ी कामयाबी

जगदीश चौहान ने इतिहास विषय में UGC-NET परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि उनकी बहन सपना चौहान ने राजनीतिक शास्त्र विषय में यह प्रतिष्ठित परीक्षा पास की है। दोनों ने अलग-अलग विषयों में अपनी योग्यता साबित करते हुए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता हासिल की। खास बात यह है कि दोनों भाई-बहन ने एक ही समय में यह मुकाम हासिल किया, जिससे परिवार की खुशी दोगुनी हो गई।

 

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किसान पिता के पसीने ने बच्चों के सपनों को दी उड़ान

जगदीश और सपना के पिता जगत राम और माता कमलेश देवी साधारण किसान परिवार से हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भले ही बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। पिता खेतों में पसीना बहाकर परिवार की जरूरतें पूरी करते रहे और बच्चों ने किताबों के साथ अपना रिश्ता मजबूत बनाए रखा। आखिरकार बच्चों की मेहनत और पिता के संघर्ष का ऐसा परिणाम सामने आया, जिसने पूरे परिवार को गर्व से भर दिया। यह सफलता इस बात की भी मिसाल है कि किसान परिवार में जन्म लेना किसी सपने की राह में बाधा नहीं है। अगर परिवार का सहयोग और लक्ष्य हासिल करने का जुनून हो तो गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है।

 

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सीमित संसाधन, लेकिन हौसले आसमान से भी ऊंचे

जगदीश और सपना ने अपनी पढ़ाई के दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को अपनी मंजिल के बीच नहीं आने दिया। नियमित पढ़ाई, अनुशासन और लगातार मेहनत को दोनों ने अपनी सफलता का आधार बनाया। उन्होंने किसी शॉर्टकट के बजाय लगातार अध्ययन को प्राथमिकता दी। यही वजह है कि आज उनके नाम के साथ UGC-NET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की सफलता जुड़ गई है।

जगदीश ने पहले भी हासिल की है बड़ी उपलब्धि

जगदीश चौहान की यह पहली बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि नहीं है। वह इससे पहले राज्य पात्रता परीक्षा (SET) भी उत्तीर्ण कर चुके हैं। अब इतिहास विषय में UGC-NET पास कर उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपनी क्षमता को और मजबूत किया है। इतिहास विषय के प्रति उनकी रुचि और लगातार अध्ययन ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई।

 

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सपना ने राजनीतिक शास्त्र में बनाई पहचान

वहीं सपना चौहान ने राजनीतिक शास्त्र विषय में UGC-NET परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार की सफलता में एक और अध्याय जोड़ दिया है। भाई के साथ बहन की सफलता ने माता-पिता की खुशी को दोगुना कर दिया है। एक ही घर से दो बच्चों का अलग-अलग विषयों में राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा पास करना क्षेत्र के लिए भी गर्व की बात मानी जा रही है।

बच्चों की सफलता ने पिता की मेहनत को कर दिया सार्थक

जगदीश और सपना की सफलता को ग्रामीण पिता की मेहनत से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि खेतों में मेहनत करने वाले माता-पिता ने बच्चों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर दिया और दोनों ने उस अवसर को अपनी मेहनत से सफलता में बदल दिया। यह कहानी उन हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का सपना देखते हैं।

 

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माता-पिता और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय

अपनी उपलब्धि पर जगदीश चौहान ने सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सदस्यों को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन के साथ लगातार मेहनत करने से वह इस मुकाम तक पहुंच पाए। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए और उसके लिए नियमित रूप से मेहनत करनी चाहिए। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना जरूरी है।

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