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August 23, 2026

हिमाचल का सोलन बना देश का 5वां सबसे अमीर जिला- इस काम ने बनाया धनी, आप भी जानिए

सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं, लाखों लोगों को मिला रोजगार

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सोलन। हिमाचल प्रदेश का औद्योगिक जिला सोलन अब देश के सबसे समृद्ध जिलों की सूची में शामिल हो गया है। आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार सोलन प्रति व्यक्ति GDP के मामले में देश का पांचवां सबसे धनी जिला बनकर उभरा है। जिले में प्रति व्यक्ति आय 8.10 लाख रुपये दर्ज की गई है, जो हिमाचल प्रदेश के औसत 2.83 लाख रुपये से करीब तीन गुना अधिक है।

पांचवे स्थान पर सोलन का नाम

देश की इस रैंकिंग में सोलन से आगे तेलंगाना का रंगारेड्डी जिला 11.46 लाख रुपये की प्रति व्यक्ति GDP के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद गुरुग्राम 9.05 लाख, बेंगलुरु अर्बन 8.93 लाख और गौतम बुद्ध नगर 8.48 लाख रुपये के साथ क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।

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BBN ने बदली सोलन की आर्थिक तस्वीर

सोलन की इस मजबूत आर्थिक स्थिति के पीछे बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ यानी BBN औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी भूमिका है। जिले में राज्य के 90 प्रतिशत से ज्यादा उद्योग इसी औद्योगिक क्लस्टर में केंद्रित हैं।

फार्मा हब के रूप में पहचान

BBN को एशिया के प्रमुख फार्मा हब के रूप में भी पहचान मिली है। यहां करीब 350 दवा निर्माण इकाइयां संचालित हो रही हैं। दावा है कि देश में इस्तेमाल होने वाली लगभग हर तीसरी दवा का उत्पादन इसी क्षेत्र में होता है।

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18,000 करोड़ सालाना निर्यात

औद्योगिक गतिविधियों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि BBN क्षेत्र में करीब 2,406 उद्योग हैं। इनमें 2,165 MSME इकाइयां शामिल हैं। इन उद्योगों का अनुमानित सालाना कारोबार करीब 1 लाख करोड़ रुपये है, जबकि सालाना निर्यात लगभग 18,000 करोड़ रुपये बताया गया है।

 

करीब 3 लाख लोगों को मिला रोजगारसोलन के औद्योगिक क्षेत्र का असर सिर्फ उत्पादन और कारोबार तक सीमित नहीं है। जिले के उद्योगों में करीब तीन लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। BBN में परिवहन का भी बड़ा नेटवर्क है और यहां करीब 10,000 वाहन तथा 3,100 वाणिज्यिक वाहन जुड़े हुए हैं।

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राज्य की अर्थव्यवस्था में भी इस औद्योगिक क्षेत्र की अहम हिस्सेदारी है। उद्योगों से राज्य के GST में करीब 29 प्रतिशत योगदान मिलता है, जबकि राज्य की कुल बिजली खपत में उद्योगों की हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत बताई गई है।

कांगड़ा, मंडी और शिमला से आगे निकला सोलन

सोलन की आर्थिक छलांग के पीछे पंजाब और हरियाणा से इसकी नजदीकी भी अहम मानी जाती है। इसके अलावा केंद्र सरकार की वर्ष 2002 की औद्योगिक प्रोत्साहन नीति ने भी BBN क्षेत्र में निवेश और उद्योगों के विस्तार को बढ़ावा दिया।औद्योगिक गतिविधियों के लगातार विस्तार ने सोलन को हिमाचल के बड़े जिलों कांगड़ा, मंडी और शिमला से भी आर्थिक रूप से आगे पहुंचा दिया है।

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आर्थिक पहचान का सबसे बड़ा आधार

आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में औद्योगिक गतिविधियां किसी जिले की अर्थव्यवस्था को किस तरह तेजी से बदल सकती हैं। सोलन की यह उपलब्धि प्रदेश के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पर्यटन और कृषि के साथ उद्योग अब जिले की आर्थिक पहचान का सबसे बड़ा आधार बन चुका है।

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