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August 22, 2026

हिमाचल में बाप-बेटी ने रचा इतिहास- एक साथ की पढ़ाई, बेटी बनी टॉपर, पिता ने हासिल किया तीसरा स्थान

एक ही क्लास में साथ पढ़े पिता-बेटी

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Himachal Pradesh news

कांगड़ा। जो व्यक्ति अपनी ड्यूटी और जिम्मेदारियों में व्यस्त रहता है, उसके लिए पढ़ाई के लिए समय निकालना आसान नहीं होता। लेकिन अगर मन में कुछ सीखने और आगे बढ़ने का जज्बा हो, तो उम्र कभी रुकावट नहीं बनती। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी जिला कांगड़ा से सामने आई है, जहां 50 साल की उम्र पार करने के बाद एक पिता ने अपनी 23 वर्षीय बेटी के साथ एक ही क्लास में बैठकर LLB की पढ़ाई पूरी की। परीक्षा परिणाम आया तो बेटी ने पूरे बैच में टॉप कर पहला स्थान हासिल किया, जबकि पिता ने तीसरा स्थान प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन किया।

एक ही क्लास में साथ पढ़े पिता-बेटी

प्रवीण राणा और उनकी बेटी अंशिका ने साल 2023 में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र खनियारा, धर्मशाला में तीन वर्षीय LLB में एक साथ दाखिला लिया था। इसके बाद करीब तीन साल तक दोनों एक ही क्लास में पढ़ते रहे। जून 2026 में दोनों ने अपनी LLB की पढ़ाई पूरी की। अंशिका ने अंतिम नतीजे में टॉप करने के साथ-साथ छठे सेमेस्टर में भी शानदार प्रदर्शन किया।

50 साल की उम्र में शुरू की कानून की पढ़ाई

इस पूरी कहानी में सबसे खास बात प्रवीण राणा का हौसला है। उन्होंने 50 साल की उम्र पार करने के बाद LLB करने का फैसला लिया। फिलहाल वह पुलिस प्रशिक्षण केंद्र डरोह में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। नौकरी की जिम्मेदारियों और व्यस्त ड्यूटी के बीच भी उन्होंने पढ़ाई के लिए समय निकाला और लगातार मेहनत करते रहे। उनकी कहानी बताती है कि अगर मन में कुछ सीखने का जुनून हो तो उम्र कभी रास्ते में नहीं आती।

बच्चों को देना चाहते थे एक खास संदेश

प्रवीण राणा के लिए LLB की पढ़ाई सिर्फ डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं थी। उनका कहना है कि वह खुद को लगातार शिक्षित करना चाहते थे और अपने बच्चों को यह दिखाना चाहते थे कि पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती। पिता से प्रेरणा लेकर बेटी अंशिका ने भी कड़ी मेहनत की और पूरे बैच में टॉप करके परिवार का नाम रोशन किया।

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पिता तीसरे तो बेटी बनीं टॉपर

पिता और बेटी की इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार को गर्व महसूस कराया है, बल्कि दूसरे लोगों के लिए भी एक बड़ी सीख दी है। एक तरफ 50 साल की उम्र के बाद प्रवीण राणा ने पढ़ाई शुरू कर तीसरा स्थान हासिल किया, वहीं दूसरी तरफ 23 वर्षीय अंशिका ने पूरे बैच में पहला स्थान हासिल किया। दोनों की यह उपलब्धि साबित करती है कि मेहनत और लगन हो तो किसी भी उम्र में नया मुकाम हासिल किया जा सकता है।

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