#उपलब्धि

August 21, 2026

हिमाचल : ढाई वर्षीय बेटी की मां ने रचा इतिहास, वैज्ञानिक बनीं अमिता- परिवार में खुशी की लहर

युवाओं के लिए मिसाल बनीं अमिता

शेयर करें:

sirmaur-daughter-amita-singh-gurjar-selected-nic-deputy-director-scientist-group-a-officer

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की बेटी अमिता सिंह गुर्जर ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नाहन तहसील के त्रिलोकपुर की अमिता का चयन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्यरत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) में उप निदेशक/वैज्ञानिक (ग्रुप-A राजपत्रित अधिकारी) के पद पर हुआ है।

वैज्ञानिक बनीं अमिता 

अमिता की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ त्रिलोकपुर गांव और पूरे सिरमौर जिले में खुशी का माहौल है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने वाली अमिता की सफलता को क्षेत्र के युवाओं और खासकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में खड़ी कार का जयपुर में कटा चालान : गाड़ी और नंबर का भी नहीं मेल

पढ़ाई में शुरू से रहीं मेधावी

अमिता सिंह गुर्जर ने अपनी प्रारंभिक और स्कूली शिक्षा CBSE बोर्ड, पंजाब से पूरी की। इसके बाद उन्होंने NIT कुरुक्षेत्र से कंप्यूटर साइंस में B.Tech की डिग्री हासिल की। तकनीकी क्षेत्र में अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU), नई दिल्ली से M.Tech (CSE) किया।

 

उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद अमिता ने अपने करियर की शुरुआत पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ की। वर्ष 2018 से 2026 तक उन्होंने सेंट्रल दिल्ली स्थित भारत सरकार के एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) में प्रबंधक के तौर पर जिम्मेदारी निभाई।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : पत्नी से कहासुनी के बाद घर से निकला व्यक्ति, नदी किनारे मिली देह; मची चीख-पुकार

नौकरी के दौरान भी उन्होंने अपने ज्ञान और कौशल को लगातार मजबूत किया और आगे बढ़ने के लक्ष्य के लिए तैयारी जारी रखी। इसी मेहनत का परिणाम रहा कि अब उनका चयन केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित ग्रुप-A पद के लिए हुआ है।

नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच तैयारी

अमिता की सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने पेशेवर जीवन के साथ अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी पूरी तरह निभाया। वह ढाई साल की बेटी की मां हैं और इसके साथ ही PSU में प्रबंधक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां संभाल रही थीं। 

यह भी पढ़ें- हिमाचल विधानसभा सत्र आज से शुरू- पहले ही दिन हंगामे के आसार, 67 सवालों से गूंजेगा सदन

ढाई साली की बेटी की मां

नौकरी, परिवार और छोटे बच्चे की जिम्मेदारी के बीच प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था। इसके बावजूद अमिता ने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया और लगातार प्रयास करती रहीं। उनकी सफलता यह दिखाती है कि परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता हासिल की जा सकती है।

गांव की बेटी हैं अमिता

अमिता का परिवार मूल रूप से त्रिलोकपुर से जुड़ा हुआ है। उनके पिता ज्वाला सिंह गुर्जर पंजाब के संगरूर में शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। वहीं उनके दादा-दादी त्रिलोकपुर में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : रक्षाबंधन से पहले चीनी के दामों में उछाल- अब 20 रुपये महंगी मिलेगी, उपभोक्ता परेशान

पिंजौर में हुई अमिता की शादी

अमिता का विवाह पिंजौर में हुआ है और वर्तमान में वह दिल्ली में रह रही हैं। उनके पति एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में वरिष्ठ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं।

परिवार की ओर से मिले सहयोग और प्रोत्साहन ने भी अमिता की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुजनों, माता-पिता और दादा-दादी के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन को दिया है।

युवाओं के लिए बनीं मिसाल

अमिता सिंह गुर्जर की उपलब्धि सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं है। उनकी सफलता से त्रिलोकपुर और पूरे सिरमौर जिले में गर्व का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर उच्च तकनीकी शिक्षा हासिल करना, प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई करना, केंद्र सरकार के PSU में प्रबंधकीय जिम्मेदारी निभाना और अब NIC में ग्रुप-A पद हासिल करना उनकी मेहनत और निरंतर आगे बढ़ने की सोच को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : घर से निकला 22 वर्षीय शुभम नहीं लौटा, परिवार चिंतित- दोस्तों से पूछताछ कर रही पुलिस

खास तौर पर बेटियों के लिए अमिता की कहानी एक सकारात्मक संदेश देती है। उन्होंने शिक्षा और करियर के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी संभाला और अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ती रहीं।

मेहनत और संकल्प का संदेश

अमिता की सफलता इस बात का उदाहरण है कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति भी जरूरी है। उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों के बीच अपने लक्ष्य के लिए समय निकाला और तैयारी जारी रखी।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में अगले 48 घंटे बारिश- फिर लगातार 5 दिन साफ रहेगा मौसम, पहाड़ों पर खिलेगी धूप

कभी ना मानें हार

उनकी उपलब्धि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर की तैयारी के दौरान किसी न किसी चुनौती का सामना कर रहे हैं। अमिता की यात्रा यह संदेश देती है कि परिस्थितियां कठिन होने के बावजूद यदि प्रयास लगातार जारी रखा जाए तो सफलता का रास्ता बनाया जा सकता है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख