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August 29, 2026
हिमाचल: आशा वर्कर की बेटी महक ने रचा इतिहास, UGC-NET JRF में हासिल की बड़ी सफलता
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से आचार्य की पढ़ाई कर रही महक शर्मा
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नाहन। हौसलों में उड़ान हो तो पहाड़ों की ऊंचाई भी छोटी पड़ जाती है। हिमाचल प्रदेश की बेटियां लगातार अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर ऐसी उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन रही हैं। सिरमौर की एक और बेटी ने अब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया है कि सफलता के रास्ते में सीमित संसाधन कभी स्थायी बाधा नहीं बन सकते।
पच्छाद उपमंडल की ग्राम पंचायत लाना मियूं की महक शर्मा ने अखिल भारतीय स्तर की UGC-NET JRF परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार, गांव और पूरे सिरमौर जिले का नाम रोशन किया है। महक की इस उपलब्धि के बाद उनके गांव से लेकर नाहन और पच्छाद तक खुशी का माहौल है। इस सफलता के साथ महक अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनने और पीएचडी में प्रवेश के लिए भी पात्र हो गई हैं। उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम हासिल किया है।
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महक शर्मा की सफलता की कहानी ग्रामीण हिमाचल की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के बावजूद बड़े सपने देखती हैं। महक की प्रारंभिक शिक्षा सरकारी संस्थानों में हुई। उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय बसाहं से दसवीं की पढ़ाई पूरी की, जबकि जमा दो की शिक्षा राजगढ़ से हासिल की।
इसके बाद संस्कृत विषय के प्रति अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन से शास्त्री की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन यहीं नहीं रुकी। उन्होंने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर, बलाहर, कांगड़ा से बीएड किया और वर्तमान में इसी परिसर में आचार्य (फलित ज्योतिष) द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। इसी दौरान उन्होंने UGC-NET JRF जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा की तैयारी की और सफलता हासिल कर ली।
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महक शर्मा एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता ओम प्रकाश शर्मा जिला न्यायवादी कार्यालय नाहन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, जबकि उनकी माता लीला शर्मा क्षेत्र में आशा वर्कर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भले ही बहुत मजबूत नहीं रही हो, लेकिन महक के हौसले और पढ़ाई के प्रति समर्पण में कभी कमी नहीं आई। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए अपनी मेहनत को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। यही मेहनत अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता तक ले गई है।
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UGC-NET JRF में सफलता मिलने के बाद महक के लिए उच्च शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के कई रास्ते खुल गए हैं। वह अब असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्र होने के साथ-साथ पीएचडी में प्रवेश की दिशा में भी आगे बढ़ सकती हैं। फलित ज्योतिष जैसे विषय में उच्च शिक्षा हासिल कर रही महक का राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा में सफल होना उनके शैक्षणिक सफर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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महक की सफलता ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रतिभा को बड़े शहर, महंगे संस्थान या सुविधाओं की चमक की जरूरत नहीं होती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे हासिल करने का जुनून हो तो गांव की पगडंडी से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर की मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।