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August 30, 2026
हिमाचल : पिता नहीं रहे तो मां बनी सहारा, रीटा ने मेहनत के दम पर पास की UGC NET-JRF परीक्षा
मां की मेहनत को दिया अपनी सफलता का श्रेय
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के कुपवी क्षेत्र की बेटी रीटा ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी कामयाबी हासिल की है। रीटा ने UGC NET-JRF (Geography) जैसी कठिन परीक्षा को तीसरे प्रयास में पास कर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 22 जून 2026 को आयोजित UGC NET परीक्षा का परिणाम 28 अगस्त को घोषित किया गया, जिसमें रीटा ने 300 में से 244 अंक हासिल किए।
रीटा, स्वर्गीय नारिया राम बिरसान्टा की बेटी और माता विद्या बिरसान्टा, ग्राम पंचायत हिड़ा-भलावन के गांव ओखड़ी, कुपवी की रहने वाली हैं। रीटा ने बताया कि जब वह महज 12 साल की थीं, तभी उनके सिर से पिता का साया उठ गया था। पिता के निधन के बाद उनकी माता ने ही उन्हें संभाला और खुद कड़ी मेहनत करके बेटी की पढ़ाई जारी रखवाई।
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रीटा ने अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय अपनी माता को दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने मुश्किल हालात के बावजूद उनका हौसला कभी टूटने नहीं दिया। मां की मेहनत और अपने लगातार प्रयासों की बदौलत ही वह आज इस मुकाम तक पहुंच पाई हैं।
कुपवी क्षेत्र आज भी पिछड़ेपन, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और कई तरह की सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। ऐसे हालात में यहां के बच्चों के लिए आगे बढ़ना आसान नहीं है। इसके बावजूद रीटा ने इन मुश्किलों को अपनी राह में बाधा नहीं बनने दिया और लगातार मेहनत करते हुए UGC NET-JRF जैसी परीक्षा में सफलता हासिल की।
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कुपवी क्षेत्र से कई बच्चे अपनी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुके हैं। यहां के युवाओं ने UPSC और NEET जैसी कठिन परीक्षाओं को भी पास कर यह साबित किया है कि अगर मेहनत और हौसला हो तो मुश्किल परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।
रीटा की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे कुपवी क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित सुविधाओं के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। रीटा ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, लगन और मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।