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August 31, 2026
हिमाचल में बिना बारिश दरका पहाड़, भूस्खलन से 200 मीटर सड़क का मिट गया नामोनिशान; मचा हड़कंप
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच भारी भूस्खलन ने बढ़ाई चिंता, वाहनों की आवाजाही हुई बंद
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के अलर्ट के बीच कुल्लू जिले में सोमवार को प्रकृति का ऐसा रौद्र रूप देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। निरमंड उपमंडल के बागीपुल-जाओं सड़क मार्ग पर अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। खास बात यह रही कि भूस्खलन के समय बारिश नहीं हो रही थी। देखते ही देखते पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ पहुंचा और करीब 200 मीटर सड़क का नामोनिशान तक मिट गया।
भूस्खलन की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही पलों में सड़क मलबे के नीचे दब गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पहाड़ का हिस्सा अचानक दरकता और भारी मलबा सड़क की ओर तेजी से आता दिखाई दे रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 10:12 बजे बागीपुल के समीप बागीपुल-जाओं सड़क पर अचानक भूस्खलन हुआ। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। देखते ही देखते भारी मात्रा में पत्थर, मिट्टी और मलबा सड़क पर फैल गया। भूस्खलन इतना बड़ा था कि सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। सड़क के बड़े हिस्से के मलबे में दब जाने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
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इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि जिस समय पहाड़ दरका, उस समय बारिश नहीं हो रही थी। आमतौर पर भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन बिन बारिश अचानक पहाड़ का इतना बड़ा हिस्सा टूटना स्थानीय लोगों के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है। अचानक हुए भूस्खलन से आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों, यात्रियों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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भूस्खलन के बाद बागीपुल-जाओं सड़क मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर भारी मलबा जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही संभव नहीं रही। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क बंद होने के बाद प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद मार्ग को खोलने के लिए कार्रवाई शुरू की गई।
लोक निर्माण विभाग निरमंड की ओर से मौके की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने भूस्खलन की जानकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को दी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अलर्ट किया गया। सड़क से भारी मलबा हटाने के लिए मशीनरी मौके पर भेजी जा रही है। विभाग का प्रयास है कि जल्द से जल्द मलबा हटाकर सड़क को यातायात के लिए बहाल किया जाए।
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घटना की जानकारी कुल्लू पुलिस नियंत्रण कक्ष के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। निरमंड और आनी क्षेत्र के विभागीय अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सड़क पर जमा भारी मलबे को हटाना है। करीब 200 मीटर सड़क प्रभावित होने के कारण मार्ग की बहाली में समय लग सकता है।
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हिमाचल प्रदेश में मौसम को लेकर जारी अलर्ट के बीच कुल्लू में हुए इस भूस्खलन ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश न होने के बावजूद अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरकने से यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क मार्गों की सुरक्षा को लेकर कितनी सतर्कता बरतने की जरूरत है। फिलहाल प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की प्राथमिकता सड़क को सुरक्षित तरीके से खोलना है। वहीं, स्थानीय लोग भी मार्ग को जल्द बहाल किए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि आवाजाही सामान्य हो सके।