चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में पिछले कुछ दिनों से पहाड़ दरकने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में तीसा-चंबा मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक बाइक चालक की खाई में गिरकर मौत हो गई है। वहीं अब जिला चंबा में एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां चंबा-भरमौर हाईवे पर 40 यात्रियों से भरी चलती बस पर अचानक पहाड़ी से बड़ा पत्थर आ गिरा। , जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
बस पर आ गिरा पत्थर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना जिला चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे की है। यहां पर बस बीते कल मंगलवार को दोपहर बाद चंबा बस अड्डे से होली की तरफ रवाना हुई थी। बस में रोजाना की तरह बड़ी संख्या में यात्री सफर कर रहे थे। जब बस मैहला क्षेत्र के पास पहुंची, तभी अचानक पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर लुढ़कता हुआ नीचे आया और सीधे बस के अगले शीशे से टकरा गया।
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चालक के पर आ गिरा पत्थर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पत्थर इतनी तेज रफ्तार से आया कि बस चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। जोरदार धमाके के साथ बस का शीशा टूट गया और कांच के टुकड़े चालक के ऊपर जा गिरे, जिससे वह घायल हो गया। अचानक हुए हादसे से बस में बैठे यात्रियों में दहशत फैल गई।
चीख पुकार से दहल उठा इलाका
कई लोग डर के मारे सीटों से उठ खड़े हुए और बस में चीख-पुकार मच गई। हालांकि इस मुश्किल स्थिति में भी चालक ने हिम्मत नहीं हारी और सूझबूझ से बस को नियंत्रित कर लिया। अगर बस अनियंत्रित हो जाती तो हाईवे पर बड़ा हादसा हो सकता था और कई यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। चालक की सतर्कता की वजह से बस सुरक्षित रुक गई और बड़ा नुकसान होने से बच गया।
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निजी क्लीनिक पहुंचाया घायल चालक
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए। घायल चालक को तुरंत पास के निजी क्लीनिक में पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। वहीं बस में सवार यात्रियों को दूसरी बस के जरिए उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। हादसे के बाद काफी देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पहले भी भूस्खलन की चपेट में आई है HRTC बस
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कुगती इलाके में भी हिमाचल पथ परिवहन निगम की एक बस भूस्खलन की चपेट में आ गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने चाहिए और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। फिलहाल इस हादसे में बड़ा नुकसान होने से बच गया, लेकिन घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम के दौरान सफर के खतरे को उजागर कर दिया है।
