#हादसा
May 14, 2026
हिमाचल: टैंपो ने कु.चली 17 वर्षीय अनु, बेटी की देह देख बेसुध हुए मां-बाप; छोटी बहन ने दी मुखाग्नि
नाना के घर रह कर रही थी पढ़ाई, स्कूल के पास हुआ हा.दसा; फूट-फूट कर रोए सहपाठी
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। 17 वर्षीय स्कूली छात्रा अनु की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। नाना-नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही 11वीं कक्षा की यह होनहार छात्रा रोज की तरह स्कूल जा रही थी] लेकिन उसे क्या पता था कि स्कूल से महज कुछ सौ मीटर पहले ही मौत उसका इंतजार कर रही है। तेज रफ्तार टैंपो ने छात्रा को ऐसी टक्कर मारी कि उसकी जिंदगी पलभर में खत्म हो गई। हादसे के बाद स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई और सहपाठी फूट-फूट कर रो पड़े।
जानकारी के अनुसार अनु पिछले कई वर्षों से अपने नाना-नानी के घर मचकेहड़ में रहकर पढ़ाई कर रही थी। वह एहजू स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। पढ़ाई में तेज और व्यवहार में बेहद शांत अनु का सपना बड़ा होकर अध्यापिका बनने का था। रोजाना की तरह वीरवार सुबह भी वह पैदल स्कूल के लिए निकली थी। स्कूल तक पहुंचने के लिए उसे करीब एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था।
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बताया जा रहा है कि जब अनु स्कूल से करीब 400 मीटर दूर पहुंची तो पीछे से तेज रफ्तार में आए टैंपो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि छात्रा सड़क पर दूर जाकर गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षक और छात्र तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े।
घायल छात्रा को तुरंत बैजनाथ अस्पताल पहुंचाया गया। स्कूल के शिक्षक भी अस्पताल पहुंचे और छात्रा को बचाने की हर संभव कोशिश की गई] लेकिन कुछ ही देर बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अनु की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल का माहौल भी गमगीन हो गया।
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छात्रा की मौत के बाद स्कूल में शोक की लहर दौड़ गई। प्रार्थना सभा स्थगित कर दी गई और प्रधानाचार्य मंजुला शर्मा की अगुवाई में शिक्षकों व छात्रों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। अनु की सहेलियां और सहपाठी इस हादसे से बुरी तरह टूट गए। कई छात्राएं स्कूल परिसर में ही फूट-फूट कर रो पड़ीं। शिक्षकों ने बताया कि अनु पढ़ाई में बेहद होशियार थी और हर गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी।
अनु की मौत ने परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। बेटी के शव को देखकर माता-पिता बेसुध हो गए। अंतिम संस्कार के दौरान मां-बाप कई बार रोते-बिलखते हुए बेहोश हो गए। माहौल इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। अनु की छोटी बहन तबू ने भारी मन से अपनी बड़ी बहन को मुखाग्नि दी। बैजनाथ स्थित मोक्षधाम में अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी गहरा दुख जताया है। एसडीएम और तहसील प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। वहीं इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।