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May 13, 2026

सुक्खू सरकार ने सिले कर्मचारियों के मुंह : अब सोशल मीडिया पर नहीं कर सकेंगे टिप्पणी

कर्मचारियों के लिए सुक्खू सरकार का सख्त फरमान

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Sukhu Government Employees Commenting Policies Social Media Barred

शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नया फरमान जारी कर दिया है। हिमाचल सामान्य प्रशासन विभाग ने सचिवालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आचार-व्यवहार, पहनावे और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।

सुक्खू सरकार का नया फरमान

सरकार ने साफ किया है कि सरकारी कर्मचारियों का व्यवहार केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियां भी अब सेवा नियमों के दायरे में मानी जाएंगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

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सरकारी कर्मचारियों के लिए नए नियम

मंगलवार को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि सचिवालय और अदालतों जैसे संवेदनशील प्रशासनिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों का पहनावा शालीन, औपचारिक और पेशेवर होना चाहिए। कर्मचारियों को सादे रंगों के कपड़े पहनने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कैजुअल और पार्टी ड्रेस को पूरी तरह अनुचित बताया गया है।

ड्रेस कोड के लिए कड़े निर्देश

सरकार का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों की वेशभूषा और व्यवहार प्रशासनिक अनुशासन तथा कार्य संस्कृति को दर्शाते हैं। सर्कुलर में सोशल मीडिया को लेकर भी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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सोशल मीडिया पर नहीं कर सकेंगे टिप्पणी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति सरकारी नीतियों, विभागीय मामलों या संवेदनशील मुद्दों पर सोशल मीडिया पोस्ट, स्टोरी, ब्लॉग या सार्वजनिक टिप्पणी साझा नहीं कर सकता। किसी सरकारी नीति की आलोचना करने या सरकार की छवि प्रभावित करने वाली गतिविधियों को अनुशासनहीनता माना जाएगा।

नए नियमों का करना होगा पालन

सरकार ने यह भी कहा है कि हाल के समय में कुछ कर्मचारियों द्वारा विभागीय निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं किए जाने के मामले सामने आए हैं। इसी को देखते हुए सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि- वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों और प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों को भी इन नियमों की पूरी जानकारी दें।

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नहीं साझा करे कोई जानकारी

सामान्य प्रशासन विभाग ने केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम 1964 का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी सेवक ऐसा कोई कार्य नहीं कर सकता जो उसकी गरिमा और सेवा नियमों के विरुद्ध हो। नियमों के अनुसार कर्मचारी किसी भी आधिकारिक दस्तावेज, फाइल या उससे जुड़ी जानकारी को बिना अनुमति किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं कर सकता।

अगर उल्लंघन किया तो...

सरकार ने साफ किया है कि सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों से अनुशासित और पेशेवर व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। अगर कोई कर्मचारी जारी निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सेवा नियमों और नियुक्ति शर्तों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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