#हादसा
May 15, 2026
हिमाचल : खड्ड में डूबा 17 वर्षीय छात्र, रुक गई थी सांसें...मसीहा बन पहुंचे दो लोग- दिया जीवनदान
तीनों दोस्तों के साथ खड्ड में नहाने गया था छात्र
शेयर करें:

मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक 17 वर्षीय छात्र खड्ड में नहाते हुए गहरे पानी में डूब गया। छात्र को डूबता देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों की चीख-पुकार के बीच किसी तरह बेसुध युवक को पानी से बाहर निकाला गया।
वहीं, वहां मौजूद दो युवकों ने समय रहते CPR देकर उसे जीवनदान दिया। CPR की जानकारी ने डूब रहे छात्र को नई जिंदगी दे दी। दोनों की बहादुरी और सूझबूझ से एक परिवार का चिराग बुझने से बच गया।
यह घटना बीते बुधवार की गुटकर क्षेत्र की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि तीन स्कूली छात्र नहाने के लिए सुकेती खड्ड पहुंचे थे। इसी दौरान 17 वर्षीय एक छात्र गहरे पानी में चला गया। उसे तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह पानी में डूबने लगा।
जब आसपास मौजूद लोगों को घटना का पता चला तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रयास कर छात्र को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
इसी दौरान पास स्थित हिमाचल हॉर्ट इंस्टीट्यूट मांडव अस्पताल के वार्ड बॉय रजत और हाउसकीपर बलदेव मौके पर पहुंच गए। दोनों कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए छात्र को मौके पर ही CPR देना शुरू किया।
लगातार प्रयासों के बाद छात्र की सांसें वापस लौट आईं और वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद छात्र को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि छात्र अपने परिवार के साथ ब्राधीवीर क्षेत्र में किराए के मकान में रहता है। उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
SP मंडी विनोद कुमार ने बताया कि हादसे को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों कर्मचारी छात्र को CPR देते नजर आ रहे हैं। लोगों ने उनकी तत्परता और मानवता की भावना की जमकर सराहना की है।
मांडव अस्पताल के MD डॉ. संदीप बांगा ने बताया कि अस्पताल में सभी कर्मचारियों को नियमित रूप से CPR और जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है- ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि रजत और बलदेव ने जिस तरह साहस और समझदारी दिखाई, वह बेहद सराहनीय है।
उन्होंने यह भी कहा कि CPR जैसी जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी हर व्यक्ति को होनी चाहिए। स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में भी इसके प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है- ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते किसी की जान बचाई जा सके।
गौरतलब है कि CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक ऐसी प्राथमिक चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन अचानक बंद हो जाए। इसमें छाती पर दबाव देकर और कृत्रिम सांस देकर शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बनाए रखने का प्रयास किया जाता है, जिससे मेडिकल सहायता मिलने तक मरीज की जान बचाई जा सके।