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May 13, 2026

हाईकोर्ट की फटकार : सुक्खू सरकार ने वापस लिया फैसला, नहीं शिफ्ट होगा KNH- महिलाओं को राहत

हाईकोर्ट ने सुक्खू सरकार से मांगा जवाब

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SUKHU GOVERNMENT HIGH COURT ORDER KNH SHIFTING DECISION CANCEL

शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सुक्खू सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कमला नेहरू अस्पताल को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने के राज्य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाकर बड़ा झटका दिया है।

सुक्खू सरकार को HC की फटकार

मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक अस्पताल की शिफ्टिंग प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। अदालत ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से इस फैसले को लेकर विस्तृत जवाब भी मांगा है।

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फैसले पर लगाई रोक

यह मामला फालमा चौहान द्वारा दायर जनहित याचिका के माध्यम से अदालत पहुंचा था। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। अदालत ने सुनवाई के दौरान डेंटल कॉलेज से जुड़े प्रस्ताव पर भी रोक लगा दी है।

नहीं शिफ्ट होगा KNH

सुक्खू सरकार ने हाल ही में कमला नेहरू अस्पताल की गायनी OPD और कुछ अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को आईजीएमसी में स्थानांतरित करने का फैसला लिया था। सरकार का तर्क था कि IGMC में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को अधिक उन्नत उपचार मिल सकेगा। हालांकि, सरकार के इस फैसले का शिमला सहित प्रदेशभर में व्यापक विरोध शुरू हो गया था।

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महिलाओं के लिए बड़ी राहत

महिला संगठनों, वामपंथी दलों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि यह कदम ऐतिहासिक कमला नेहरू अस्पताल को कमजोर करने की कोशिश है। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वूमेन्स एसोसिएशन (AIDWA), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए कहा था कि अस्पताल महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी सेवाओं को कम करना दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए बड़ी परेशानी पैदा करेगा।

झेलनी पड़ी कई परेशानियां

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि करीब 102 वर्ष पुराना कमला नेहरू अस्पताल प्रदेश में महिलाओं के स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। यहां हर महीने हजारों महिलाएं इलाज के लिए पहुंचती हैं। अस्पताल की सेवाएं शिफ्ट होने से मरीजों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और संस्थान की ऐतिहासिक पहचान भी प्रभावित होगी।

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मरीजों को क्या लाभ-नुकसान?

हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आखिर शिफ्टिंग का निर्णय किन आधारों पर लिया गया और इससे मरीजों को क्या लाभ या नुकसान होगा। अदालत ने इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट से फैसले से महिलाएं खुश

उधर, महिला संगठनों और स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अदालत का यह निर्णय महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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क्या कर रही सुक्खू सरकार?

वहीं, सरकार की ओर से अभी औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मगर सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग अदालत में अपने फैसले को सही साबित करने के लिए तैयारी कर रहा है।

अगली सुनवाई में होगी अहम

फिलहाल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद कमला नेहरू अस्पताल KNH की किसी भी सेवा को IGMC में शिफ्ट करने की प्रक्रिया रोक दी गई है। अब अगली सुनवाई में इस मामले को लेकर आगे की दिशा तय होगी।

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