शिमला। हिमाचल प्रदेश के लाखों राशन कार्ड उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। खाद्य आपूर्ति निगम ने राज्य के सभी राशन डिपुओं में दालों की सप्लाई भेजने का काम शुरू कर दिया है। यानी अब जल्द ही लोग राशन डिपुओं से दाले ले सकेंगे। मगर परेशानी की बात ये है कि डिपुओं में कुछ दालें इस बार महंगे दामों में मिलेंगी।
डिपुओं में जल्द मिलेंगी दालें
जानकारी के अनुसार, महज दस दिन के अंदर प्रदेश के गोदामों में दालों की सप्लाई पहुंच जाएगी। इसके बाद जल्द ही डिपुओं में भी दालें उपलब्ध हो जाएंगी। हालांकि, दाम बढ़ने के बावजूद भी बाजार के मुकाबले ये दालें डिपुओं में सस्ती मिलेंगी।
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महंगी मिलेंगी दालें
विदित रहे कि, प्रदेश में एक तरफ भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा ने लोगों को भारी संकट में डाल दिया है। वहीं, दूसरी ओर अब महंगाई की दोहरी मार ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। राज्य के करीब 19.40 लाख राशन कार्ड धारकों को अब सरकार द्वारा सरकारी राशन डिपुओं के माध्यम से प्रदान की जा रही तीन मुख्य दालें मलका, चना और उड़द पहले से कहीं ज्यादा कीमतों पर मिलेंगी। कीमतों में 12 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की गई है।
अब कितनी महंगी हुई हैं दालें?
राज्य सरकार द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, अब NFSA;राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियमद्ध श्रेणी के तहत दालों के नए दाम इस प्रकार होंगे-
- उड़द दाल- 76 रुपये किलो
- चना दाल- 72 रुपये किलो
- मलका दाल- 66 रुपये किलो
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जबकि APL (साधारण आय वर्ग) कार्ड धारकों को भी राहत नहीं मिली है। उनके लिए भी दाम बढ़ा दिए गए हैं:

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क्यों महंगी हुई दालें?
जानकारी देते हुए खाद्य आपूर्ति निगम शिमला के GM अरविंद शर्मा ने बताया कि खाद्य आपूर्ति निगम ने इस बार केंद्र से 1.95 लाख क्विंटल दाल मांगी थी। केंद्र से दालों की सप्लाई आना शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि दालों के दाम इसलिए बढ़ाए गए हैं क्योंकि केंद्र ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और पैकिंग पर पांच प्रतिशत टैक्स लिया है।
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तीन श्रेणियों में बंटा है राशन वितरण
हिमाचल प्रदेश में राशन वितरण तीन श्रेणियों में किया जाता है:
- एनएफएसए (NFSA): इसमें बीपीएल, अंत्योदय, प्राथमिकता श्रेणी वाले परिवार आते हैं।
- एपीएल (APL): मध्यम वर्ग के उपभोक्ता।
- अन्य राज्य योजना: जो NFSA या APL में नहीं आते।
हर श्रेणी के लिए दरें अलग निर्धारित हैं और महंगाई का असर सभी वर्गों पर पड़ा है।
कठिन दौर से गुजर रहा हिमाचल
गौरतलब है कि, हिमाचल प्रदेश इस समय एक कठिन दौर से गुजर रहा है। प्राकृतिक आपदाएं एक ओर और अब आवश्यक वस्तुओं की महंगाई दूसरी ओर, आम आदमी को जीना मुश्किल कर रही हैं। सरकार की ओर से दालों की कीमतों में बढ़ोतरी को जायज ठहराया जा रहा है, लेकिन जनता के लिए ये फैसला निश्चित ही बोझ बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।
