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March 15, 2026
हिमाचल में आफत का मौसम: ओलावृष्टि से बागवानों की फसल तबाह, 6 दिन नहीं मिलेगी राहत
बारिश के साथ हो रही बर्फबारी, ठंड के आगोश में समाया हिमाचल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई क्षेत्रों में आसमान से आफत बरसती दिखाई दी। ऊंचाई वाले इलाकों में जहां ताजा बर्फबारी हुई, वहीं कई जिलों में तेज अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। राजधानी शिमला में भी रविवार को बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंड एक बार फिर लौट आई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी छह दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है।
प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। रोहतांग दर्रा सहित प्रदेश के चार प्रमुख दर्रों में हल्की ताजा बर्फबारी हुई है। शिंकुला, बारालाचा और कुंजम दर्रे में भी बर्फ के फाहे गिरने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण ठंडी हवाओं का असर मैदानी क्षेत्रों में भी महसूस किया जा रहा है।
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मौसम का यह बदला हुआ रूप किसानों और बागवानों के लिए आफत बनकर सामने आया है। सिरमौर जिले के ऊपरी इलाकों में हुई भारी ओलावृष्टि ने फलदार बागानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। एशिया की प्रसिद्ध ‘पीच वैली’ के नाम से मशहूर राजगढ़ उपमंडल के हाब्बन और पझौता क्षेत्र में दोपहर बाद हुई तेज ओलावृष्टि ने आड़ू, पलम, खुमानी और सेब के पौधों पर आ रही फ्लावरिंग को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
कई स्थानों पर पौधों पर लगे फूल झड़ गए, जिससे बागवानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में बागानों में सफेद चादर जैसी स्थिति बन गई। इससे आने वाली फसल पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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प्रदेश में लंबे समय से सूखे जैसे हालात बने हुए थे, लेकिन अब बारिश और बर्फबारी से मौसम में बदलाव आया है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा की ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर बर्फबारी का दौर जारी है। अटल टनल रोहतांग के आसपास भी बर्फबारी होने से आगे के क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
ताजा बारिश और हिमपात के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शिमला में तापमान में लगभग 2.4 डिग्री की गिरावट आई है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण कई स्थानों पर फलदार पौधों और फसलों को नुकसान होने की खबरें सामने आ रही हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम लगातार बिगड़ा रहेगा। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बारिश और बिजली कड़कने की संभावना के चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक 17 मार्च को भी कई इलाकों में मौसम खराब रहेगा। 18 और 19 मार्च को तेज अंधड़ और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। 19 मार्च को कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य कई जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में भारी बारिश, बर्फबारी, तेज अंधड़ और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। वहीं बागवान और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मौसम के इस कहर से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।