इसी बीच मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं और ओलों के कारण खेतों में खड़ी फसलों और फलदार पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। विभाग ने किसानों और बागवानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम कर लें।
हिमस्खलन का खतरा बढ़ा
दूसरी ओर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा भी बढ़ने लगा है। प्रशासन और पुलिस ने इसको लेकर सैलानियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि फिलहाल ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचें और मौसम की स्थिति सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : 2 दिनों में बनीं 133 नई पंचायतें, 31 मार्च से पहले होगा रोस्टर जारी- जानें चुनाव की तारीख
पर्यटकों के लिए ए़डवाइजरी जारी
पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में हिमाचल के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे खतरा बढ़ गया है। खासतौर पर लाहौल-स्पीति जिले में लोगों को सतर्क करने के लिए पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए लगातार चेतावनी दी जा रही है। प्रशासनिक टीमें और पुलिस कर्मी विभिन्न स्थानों पर तैनात होकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं।
सतर्कता बरतें पर्यटक
प्रशासन ने यह भी कहा है कि खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से पहले लोग मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। बर्फबारी और हिमस्खलन की संभावना को देखते हुए पर्वतीय मार्गों पर भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। अगर मौसम का यह दौर जारी रहता है तो आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले इलाकों में और अधिक बर्फबारी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।



