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March 14, 2026
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के बाद सुक्खू सरकार का यू-टर्न, पशु मित्र भर्ती नियम में करने पड़े बदलाव
भर्ती प्रक्रिया को लेकर खड़ा हुआ था विवाद
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार को पशु मित्र भर्ती को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाओं के बाद बड़ा यू-टर्न लेना पड़ा है। पशु मित्र भर्ती प्रक्रिया के दौरान महिलाओं से बोरी उठवाकर दौड़ करवाने का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया था। इसके बाद सरकार ने पशु मित्र नीति में संशोधन करते हुए चयन प्रक्रिया के नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया।
सरकार ने पशु मित्र नीति-2025 में संशोधन करते हुए भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता परीक्षा को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में पशुपालन विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर नई व्यवस्था लागू करने की जानकारी दी है। नई नीति के अनुसार, अब पशु मित्र बनने के इच्छुक उम्मीदवारों को लिखित या अन्य चयन प्रक्रिया से पहले शारीरिक क्षमता की परीक्षा भी देनी होगी। इसमें पुरुष अभ्यर्थियों को 30 मिनट के भीतर 5 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी, जबकि महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1500 मीटर की दौड़ पूरी करनी अनिवार्य होगी।
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यह पूरी परीक्षा विभाग द्वारा तय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत आयोजित की जाएगी। दरअसल कुछ समय पहले पशु मित्र भर्ती प्रक्रिया के दौरान महिलाओं को बोरी उठाकर दौड़ लगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में कई महिलाएं दौड़ते समय गिरती भी दिखाई दी थीं, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। विवाद बढ़ने के बाद विभाग ने अस्थायी तौर पर भर्ती प्रक्रिया रोक दी थी और नियमों की समीक्षा शुरू की गई थी।
अब संशोधित नीति में शारीरिक क्षमता को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। विभाग का कहना है कि पशु मित्र ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन सेवाओं को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्हें पशु चिकित्सालयों और पशुपालन फार्मों में कई प्रकार के कार्य करने पड़ते हैं, जिनके लिए शारीरिक रूप से सक्षम होना जरूरी है।
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अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अभ्यर्थियों ने पहले की प्रक्रिया के तहत शारीरिक परीक्षा पास कर ली थी, उन्हें दोबारा परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे उम्मीदवारों को सीधे अगली काउंसलिंग या चयन चरण के लिए बुलाया जाएगा। वहीं जो उम्मीदवार पहले फिजिकल टेस्ट पास नहीं कर पाए थे, उन्हें नए नियमों के तहत फिर से परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
सरकार ने आवेदन से जुड़ी पात्रता में भी बदलाव किया है। अब 31 दिसंबर 2025 तक आवेदक या उसके परिवार के नाम ग्राम पंचायत के परिवार रजिस्टर में पशुधन दर्ज होना चाहिए। इसके साथ ही यह पशुधन Bharat Pashudhan Portal पर भी उसी तारीख तक पंजीकृत होना अनिवार्य होगा।
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विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पशु मित्रों को अपने काम के दौरान कई कठिन कार्य करने पड़ते हैं। उदाहरण के तौर पर उन्हें तरल नाइट्रोजन से भरे कंटेनर उठाकर ले जाने पड़ते हैं, जिनकी क्षमता 11 से 35 लीटर तक हो सकती है। इसके अलावा पशुओं के उपचार और देखभाल के दौरान कई बार लगभग 25 किलोग्राम तक वजन उठाना भी पड़ता है।