शिमला। हिमाचल प्रदेश की सियासत में आज से एक बार फिर हलचल तेज होने जा रही है। चौदहवीं विधानसभा का 12वां मानसून सत्र शुक्रवार, 21 अगस्त यानी आज से शुरू हो रहा है, जो 3 सितंबर तक चलेगा। करीब दो सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में कुल 10 बैठकें प्रस्तावित हैं।
हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू
खास बात यह है कि इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही तरफ के विधायक प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में हैं। विधानसभा सचिवालय को कुल 1,036 सवालों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिससे साफ है कि मानसून सत्र के दौरान सरकार को कई अहम मुद्दों पर सदन के भीतर जवाब देना होगा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: निजी स्कूल बस ने कुचल दी महिला, ऊपर से गुजर गए टायर; मौके पर थम गईं सांसें
पहले दिन ही सरकार के सामने होंगे 67 सवाल
मानसून सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल में कुल 67 सवाल सूचीबद्ध किए गए हैं। इनमें 48 तारांकित और 19 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। पहले ही दिन बड़ी संख्या में सवाल होने से सदन की कार्यवाही काफी महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।
सदन में गरमाएगी सियासत
प्रदेश में इस बार बरसात और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान, क्षतिग्रस्त सड़कें, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी, शिक्षा विभाग में खाली पद, भर्ती प्रक्रियाएं और अन्य जनहित के मुद्दे सत्र में प्रमुखता से उठ सकते हैं। विपक्ष पहले से ही इन मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहने के संकेत दे चुका है। वहीं, सत्ता पक्ष के विधायक भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े सवालों को सदन में उठाकर सरकार का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित करेंगे।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: विजिलेंस ने बीजेपी MLA डॉ जनक राज से 3 घंटे की पूछताछ, जानें क्या क्या पूछे सवाल
11 बजे शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही
मानसून सत्र की पहली बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू होगी। सत्र के पहले दिन सदन में दिवंगत पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह और राम चंद भाटिया के निधन पर शोकोद्गार किया जाएगा। इसके बाद विधानसभा की नियमित कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
कई मुद्दों पर होगी अहम चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सभी राजनीतिक दलों और विधायकों से सदन की कार्यवाही को सार्थक और उत्पादक बनाने में सहयोग की अपील की है। उनका जोर इस बात पर रहेगा कि प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो और संसदीय मर्यादाओं का भी पालन किया जाए।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के युवाओं को विदेश में नौकरी का मौका: 1.99 लाख प्रतिमाह मिलेगा वेतन; जल्द करें आवेदन
सरकार के सामने आएंगे 1036 सवाल
मानसून सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को कुल 1,036 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं। इनमें 787 तारांकित और 249 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। सभी सवाल ऑनलाइन माध्यम से विधानसभा सचिवालय तक पहुंचे हैं और संबंधित विभागों को जवाब तैयार करने के लिए भेजे जा चुके हैं।
अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े कई मुद्दे
इतनी बड़ी संख्या में सवालों का पहुंचना बताता है कि इस सत्र में विधायकों के पास अपने क्षेत्रों और प्रदेश से जुड़े कई मुद्दे हैं। प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों को विभिन्न विभागों से संबंधित आंकड़े और जानकारी सदन के पटल पर रखनी होगी।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में HRTC बस हाद..से का शिकार- स्कूली बच्चों समेत 40 यात्री थे सवार, मची चीख-पुकार
लिखित रूप में दिए जाएंगे जवाब
तारांकित प्रश्नों के जरिए विधायक सदन में संबंधित मंत्री से सीधे जवाब मांग सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर पूरक प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं। वहीं अतारांकित प्रश्नों के जवाब लिखित रूप में दिए जाएंगे। ऐसे में आगामी बैठकों के दौरान सरकार को प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न योजनाओं की स्थिति पर विस्तृत जानकारी देनी पड़ सकती है।
आपदा का मुद्दा रह सकता है सबसे बड़ा
हिमाचल प्रदेश में बरसात के दौरान हुए नुकसान का मुद्दा इस मानसून सत्र में प्रमुखता से उठने की संभावना है। कई क्षेत्रों में भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक घटनाओं से सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं, बिजली व्यवस्था और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल पुलिस ने पकड़ा ढेर सारा चिट्टा- 3 तस्कर गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क से कनेक्शन
बरसाक से हुआ काफी नुकसान
विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में हुए नुकसान का आंकड़ा, राहत कार्यों की स्थिति, प्रभावित परिवारों को मिलने वाली सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर सरकार से सवाल कर सकते हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार की तैयारियों, राहत और बहाली कार्यों की गति को लेकर सवाल उठा सकता है।
सड़कों की स्थिति पर चर्चा
प्रदेश की सड़कों की स्थिति भी सदन में चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बन सकती है। बरसात के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में सड़क बहाली, लोक निर्माण विभाग की तैयारियों और प्रभावित मार्गों को खोलने की समयसीमा को लेकर भी सरकार को जवाब देना पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में महिला विधायक का काम नहीं कर रहा था DFO- अफसर के खिलाफ मामला दर्ज
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल
मानसून सत्र के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहेंगे। सरकारी संस्थानों में रिक्त पदों, शिक्षकों की तैनाती और विभिन्न श्रेणियों में खाली पदों को लेकर विधायकों ने सवाल लगाए हैं। सीबीएसई स्कूलों में प्रधानाचार्यों और प्रवक्ताओं की नियुक्ति तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य मामलों पर भी सरकार से जानकारी मांगी गई है।
स्वास्थ्य विभाग भी सदन में चर्चा का अहम विषय होगा। विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों की कमी को लेकर सवाल उठ सकते हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक मशीनों की उपलब्धता, दवाइयों की स्थिति और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में अनोखी प्रेम कहानी : 16 साल के लड़के ने भगाई 14 वर्षीय लड़की, रास्ते में हुआ....
भर्ती और खाली पदों पर सरकार से मांगा जाएगा हिसाब
प्रदेश में सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और सोसाइटियों में स्वीकृत तथा रिक्त पदों का मुद्दा भी सत्र के दौरान जोर पकड़ सकता है। युवाओं के लिए रोजगार और भर्ती से जुड़े सवाल पहले भी राजनीतिक चर्चा का विषय रहे हैं।
विधायक विभागवार यह जानकारी मांग रहे हैं कि किन विभागों में कितने पद स्वीकृत हैं, उनमें से कितने भरे जा चुके हैं और कितने पद अभी खाली हैं। नियमित, अनुबंध, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारियों से संबंधित जानकारी भी सरकार के सामने रखी जा सकती है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल BREAKING: टनल में ट्रकों की जबरदस्त भिड़ंत, दो लोगों की मौ..त- 2 की हालत नाजुक
किस विधायक का पहला सवाल?
प्रश्नकाल का पहला सवाल झंडुता से भाजपा विधायक जीतराम कटवाल का है। उन्होंने प्रदेश में विभागों, बोर्डों, निगमों और सोसाइटियों के अंतर्गत स्वीकृत पदों की जानकारी मांगी है। विधायक ने यह भी पूछा है कि इनमें से कितने पद भरे गए हैं और किन विभागों तथा सरकारी उपक्रमों में नियमित, अनुबंध, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स आधार पर नियुक्तियां की गई हैं।
उन्होंने सरकार से विभागवार, संस्थानवार और पदवार विस्तृत जानकारी मांगी है। यह सवाल इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि प्रदेश में रोजगार और सरकारी विभागों में खाली पदों का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: मिड-डे मील की खीर खाने से 47 बच्चे बीमार,अभी भी अस्पताल में भर्ती- शिक्षा विभाग में हड़कंप
विभिन्न नियमों के तहत भी पहुंचीं कई सूचनाएं
सिर्फ प्रश्नकाल ही नहीं, बल्कि विधानसभा के अलग-अलग नियमों के तहत भी विधायकों ने कई सूचनाएं दी हैं। विधानसभा सचिवालय को नियम 62 के तहत 13, नियम 63 के तहत 2, नियम 101 के तहत 5 और नियम 130 के तहत 15 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।
इन सूचनाओं के माध्यम से विधायक प्रदेश और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों को सदन में उठाने की कोशिश करेंगे। नियमों के तहत आने वाले विषयों पर चर्चा की अनुमति मिलने के बाद सरकार को संबंधित मामलों पर अपना पक्ष रखना पड़ सकता है। मानसून सत्र के दौरान 27 अगस्त को गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित किया गया है। इस दिन गैर-सरकारी सदस्यों के प्रस्तावों और अन्य विषयों पर चर्चा हो सकती है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : फोन के चक्कर में इकलौते बेटे की मौ**त, मां की डांट से हुआ था नाराज
सरकार और विपक्ष के बीच दिख सकता है सियासी टकराव
मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विपक्ष प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान, राहत एवं पुनर्वास कार्यों, सड़कों की हालत, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था तथा भर्ती से जुड़े मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
दूसरी ओर सरकार अपनी उपलब्धियों और राहत कार्यों का ब्यौरा सदन में रखकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की कोशिश करेगी। सत्ता पक्ष के विधायक भी अपने क्षेत्रों की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाते नजर आ सकते हैं।
