#राजनीति
October 5, 2026
राजा वीरभद्र के गढ़ में CM सुक्खू का जलवा : क्या दो गुटों में बंट जाएगा रोहड़ू और रामपुर ?
CM सुक्खू के कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने राजनीतिक चर्चा को गर्म कर दिया है।
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शिमला। हिमाचल की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का नाम जिस रोहड़ू से लंबे समय तक जुड़ा रहा। उसी क्षेत्र में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू के कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने राजनीतिक चर्चा को गर्म कर दिया है। CM सुक्खू के स्वागत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम में सुक्खू के समर्थन में नारे भी सुनाई दिए।
रोहड़ू को लंबे समय तक वीरभद्र सिंह की राजनीतिक कर्मभूमि के तौर पर देखा गया है। वीरभद्र सिंह यहां से पांच बार विधायक रहे थे। परिसीमन के बाद उन्होंने शिमला ग्रामीण से चुनाव लड़ा। ऐसे में इस क्षेत्र में CM सुक्खू के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के लिहाज से भी देखा जा रहा है।
कार्यक्रम की चर्चा का एक अहम पहलू दो नेताओं की गैरमौजूदगी भी रही। CM सुक्खू के दौरे के दौरान वीरभद्र सिंह के परिवार से जुड़े दो प्रमुख राजनीतिक चेहरे- लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह मौजूद नहीं थे। ऐसे में CM सुक्खू का अकेले इस क्षेत्र में लोगों के बीच पहुंचना और स्थानीय स्तर पर मिल रहा स्वागत राजनीतिक नजरिए से चर्चा का विषय बना।

रोहड़ू में CM सुक्खू की मौजूदगी और बड़ी संख्या में लोगों का जुटना ऐसे समय में हुआ है जब हिमाचल कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं की राजनीतिक सक्रियता लगातार चर्चा में रहती है। इसलिए इस कार्यक्रम को सिर्फ सरकारी दौरे के तौर पर नहीं, बल्कि कांग्रेस की स्थानीय राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
फिलहाल इतना जरूर है कि जिस रोहड़ू को लंबे समय तक वीरभद्र सिंह की मजबूत राजनीतिक पहचान से जोड़ा जाता रहा, वहां मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीन दिवसीय दौरे के दौरान सीधे जनता के बीच पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। अब इस कार्यक्रम का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में कांग्रेस की स्थानीय सियासत और नेताओं की प्रतिक्रियाओं में दिखाई देता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
CM सुक्खू का तीन दिवसीय रोहड़ू-रामपुर दौरा कई मायनों में खास रहा। CM सुक्खू ने इन तीन दिनों में सिर्फ विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास ही नहीं किए- बल्कि दूरदराज के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों के बीच रात बिताई। इसके साथ-साथ लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई बड़ी घोषणाएं कीं।

रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों में करीब 415.80 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं को हरी झंडी मिली। वहीं, नशे के खिलाफ अभियान, सड़क बहाली, स्कूलों के नए भवन और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सरकार ने कई अहम ऐलान किए।
तीन दिन में रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों को कुल 89 विकास परियोजनाएं मिलीं- जिनकी कुल लागत करीब 415.80 करोड़ रुपये है।

पहले दिन CM रोहड़ू के भटवाड़ी गांव पहुंचे। यहां 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिला मंडलों और युवक मंडलों से सीधे बातचीत की। खास बात यह रही कि CM ने रात ग्रामीण क्षेत्र में ही रुककर लोगों की समस्याएं सुनीं।
दूसरे दिन CM रामपुर विधानसभा क्षेत्र के शिंगला और काशा-पाट पहुंचे। यह दौरे का सबसे अलग पहलू रहा। CM ने काशा-पाट के ग्रामीण के घर रात्रि ठहराव किया। ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और CM ने ग्रामीणों के साथ नाटी में भी हिस्सा लिया।

इस पूरे दौरे में तीन चीजें खास तौर पर दिखाई दीं-गांव में रात्रि प्रवास, मौके पर जनता की समस्याएं सुनना और तत्काल घोषणाएं करना। साथ ही रोहड़ू और रामपुर दोनों जगह एंटी-चिट्टा रैली में शामिल होकर CM ने नशे के खिलाफ सरकार की प्राथमिकता दोहराई।

रोहड़ू में CM सुक्खू की मौजूदगी और बड़ी संख्या में लोगों का जुटना ऐसे समय में हुआ है जब हिमाचल कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं की राजनीतिक सक्रियता लगातार चर्चा में रहती है। इसलिए इस कार्यक्रम को सिर्फ सरकारी दौरे के तौर पर नहीं, बल्कि कांग्रेस की स्थानीय राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।