#राजनीति
October 4, 2026
विरोधियों की 'पत्नियां सदा सुहागन रहें...पत्नी सिम्मी पर टिप्पणी के बाद डिप्टी CM मुकेश का भावुक पलटवार
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी में मुकेश अग्निहोत्री का दिखा एक अलग रूप; विरोधियों को चेतावनी भी दी
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ऊना। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की दिवंगत पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा नेता की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मर्यादा से जोड़ते हुए विरोध जताया है और महिला कांग्रेस सड़क पर उतरकर पुलिस में शिकायत तक दे चुकी है।
इसी बीच उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का एक भावुक लेकिन राजनीतिक संदेश सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने विरोधियों को जवाब देते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन वह विरोधियों के परिवार के लिए कभी बुरा नहीं चाहते। उन्होंने यहां तक कहा कि जो लोग उन्हें और उनके परिवार को गालियां देते हैं, उनकी पत्नियों की भी वह लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने अपने अंदाज में कहा कि राजनीति में विरोध होना स्वाभाविक है। नेता एक.दूसरे की नीतियों और राजनीतिक फैसलों पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन इसका असर परिवारों तक नहीं पहुंचना चाहिए। इसी भावना के साथ उन्होंने कहा कि वह अपने विरोधियों की पत्नियों के लिए भी अच्छे की ही कामना करते हैं।
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ऊना जिला के पालकवाह ऑडिटोरियम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी हरोली की मासिक बैठक को संबोधित करते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मुझे और मेरे परिवार को गालियां देने वालों की पत्नियों की लंबी उम्र हो और सदा सुहागन रहें। इतना ही नहीं मुकेश अग्निहोत्री ने विरोधियों को चेतावनी भी दी और कहा कि वह मेरी दिवंगत पत्नी सिम्मी अग्निहोत्री पर गलत भाषा का माकूल जबाब देंगे।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हिमाचल की राजनीति में उनके परिवार को लेकर बयानबाजी तेज हुई है। अग्निहोत्री ने जिस अंदाज में विरोधियों के परिवार के लिए भी शुभकामनाएं दीं, उससे उन्होंने राजनीतिक कटुता के बीच एक मानवीय संदेश देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि व्यक्तिगत विरोध के बावजूद किसी के परिवार के लिए बुरा सोचना उनकी राजनीति का हिस्सा नहीं है।
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दरअसल, पूरा विवाद हरोली में प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती पर आयोजित स्मृति एवं सम्मान समारोह के बाद तेज हुआ। 29 सितंबर को हुए इस कार्यक्रम में शिक्षा, शोध और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया गया था। प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रही थीं और फरवरी 2024 में उनका निधन हुआ था।
कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेता अजय जोशी ने कथित तौर पर तीखी टिप्पणियां कीं और समारोह तथा सिम्मी अग्निहोत्री के योगदान पर सवाल उठाए। उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे दिवंगत महिला के सम्मान से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा, जबकि महिला कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस में शिकायत भी दी और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मुकेश अग्निहोत्री ने इसी पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी स्पष्ट किया कि उनकी दिवंगत पत्नी सिम्मी अग्निहोत्री को लेकर अगर गलत या आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाएगा तो वह चुप नहीं बैठेंगे। उनका संदेश यह है कि राजनीतिक विरोध किया जा सकता है, लेकिन किसी दिवंगत व्यक्ति के सम्मान को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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यानी एक तरफ मुकेश अग्निहोत्री विरोधियों की पत्नियों के लिए लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अपनी दिवंगत पत्नी के सम्मान के सवाल पर सख्त रुख भी दिखा रहे हैं। यही विरोधाभास उनके ताजा बयान को राजनीतिक रूप से खास बना रहा है।
सिम्मी अग्निहोत्री को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ एक कार्यक्रम की आलोचना तक सीमित नहीं रहा है। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राजनीतिक मतभेद विकास और नीतियों के मुद्दों तक सीमित रहने चाहिए, जबकि भाजपा की ओर से समारोह को लेकर राजनीतिक सवाल उठाए गए हैं।
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महिला कांग्रेस के विरोध और शिकायत के बाद विवाद ने और राजनीतिक रंग ले लिया है। वहीं, भाजपा की ओर से भी इस मामले को लेकर सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में हरोली की स्थानीय राजनीति में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमाने के संकेत दे रहा है।
मुकेश अग्निहोत्री के ताजा बयान को केवल भावुक प्रतिक्रिया के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। उन्होंने अपने विरोधियों पर सीधा व्यक्तिगत हमला करने के बजाय उनके परिवार के लिए शुभकामना देकर यह संकेत देने की कोशिश की है कि राजनीतिक लड़ाई और निजी रिश्तों की मर्यादा अलग-अलग होनी चाहिए।
लेकिन सिम्मी अग्निहोत्री के सम्मान के सवाल पर उनका रुख बिल्कुल अलग और सख्त नजर आया। उनका संदेश साफ है—राजनीतिक विरोध कीजिए, सवाल उठाइए, लेकिन दिवंगत पत्नी और परिवार को लेकर गलत भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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अब सिम्मी अग्निहोत्री को लेकर शुरू हुआ यह विवाद हिमाचल की राजनीति में एक बड़े सियासी टकराव का रूप लेता है या बयानबाजी तक सीमित रहता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल मुकेश अग्निहोत्री के “विरोधियों की पत्नियों की लंबी उम्र हो” वाले भावुक संदेश ने इस पूरे विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ जरूर दे दिया है।