शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ रहा नशे का प्रचलन चिंता का विषय बनता जा रहा है। हिमाचल के नशा मुक्त बनाने के लिए जहां सरकार ने मुहिम छेड़ रखी है- वहीं, लोग भी पुलिस का भरपूर सहयोग कर रहे हैं।
नशे के खिलाफ बड़ा कदम
ताजा मामला हिमाचल की राजधानी शिमला से सामने आया है- जहां रामपुर उपमंडल के अंतर्गत झाखड़ी थाना क्षेत्र में नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने एक सराहनीय और साहसिक पहल कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया है।
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ग्रामीणों 7 लड़के-लड़कियां पकड़े
क्षेत्र में संदिग्ध हालात में घूम रहे सात युवक-युवतियों को स्थानीय लोगों ने नशे की हालत में पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इनके पास से नशीले इंजेक्शन बरामद होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
तलाशी के दौरान मिले नशीले इंजेक्शन
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ युवक-युवतियां लंबे समय से गांव के आसपास असामान्य गतिविधियों में लिप्त नजर आ रहे थे। आज जब उनकी हरकतें और भी संदिग्ध लगीं तो लोगों ने सामूहिक रूप से उन्हें रोककर पूछताछ की। तलाशी के दौरान नशीले इंजेक्शन मिलने पर तुरंत झाखड़ी थाना पुलिस को सूचना दी गई।
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किया पुलिस के हवाले
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सभी सातों युवक-युवतियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पकड़े गए सभी आरोपी ग्राम पंचायत गोपालपुर और बसाहरा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने नशीले पदार्थों को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
नशे के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
मामले की पुष्टि करते हुए DSP रामपुर नरेश शर्मा ने बताया कि यह मामला गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लिया जा रहा। उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों से अलग-अलग और सामूहिक रूप से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशीले इंजेक्शन कहां से लाए गए और इनके पीछे कोई संगठित गिरोह या सप्लाई चेन तो सक्रिय नहीं है।
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हर पहलू की हो रही गंभीर जांच
DSP ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं यह मामला केवल नशे के सेवन तक सीमित है या फिर नशे की तस्करी से भी जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान कॉल डिटेल, संपर्क सूत्रों और संभावित सप्लायरों की भी पड़ताल की जा रही है। पकड़े गए सभी आरोपी बसाहारा और गोपालपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग-नशे पर हो सख्त कार्रवाई
घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में गहरी चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में नशे का बढ़ता चलन युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नशे के कारोबार पर सख्ती से लगाम लगाई जाए और स्कूल-कॉलेज स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
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जड़ से खत्म हो नशा
ग्रामीणों का मानना है कि अगर समाज और प्रशासन मिलकर कदम उठाएं, तो नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समय रहते कार्रवाई न हुई तो इसका दुष्परिणाम पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ सकता है।
नशा मुक्त समाज की ओर एक मजबूत कदम
झाखड़ी क्षेत्र में ग्रामीणों की यह सजगता और एकजुटता नशा मुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर नजर रखेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देंगे। पुलिस ने भी ग्रामीणों की इस पहल की सराहना करते हुए सहयोग बनाए रखने की अपील की है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच के निष्कर्ष और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
