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December 17, 2025

हिमाचल में एक साथ ट्रांसफर होंगे 5000 शिक्षक : कइयों की बढ़ी धुक-धुकी, इस दिन जारी होगी लिस्ट

पहली बार एक साथ हो रहा इतना बड़ा फेरबदल

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Himachal Government School Teachers Transfers

शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही शिक्षा विभाग में अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है।

5000 शिक्षकों होंगे ट्रांसफर

शिक्षा विभाग ने मार्च महीने में एक साथ लगभग पांच हजार शिक्षकों के तबादलों की तैयारी कर ली है। इसको लेकर विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो चुकी है और तमाम जिलों से पदों की स्थिति, रिक्तियां और सेवानिवृत्तियों का ब्यौरा मंगवाया जा रहा है।

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पहली बार हो रहा इतना बड़ा फेरबदल

जानकारी के अनुसार, यह पहली बार होगा जब शिक्षा विभाग इतने बड़े पैमाने पर एक साथ तबादलों की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसका सीधा असर शहरी और अर्ध-शहरी स्कूलों पर पड़ेगा, जहां लंबे समय से शिक्षक जमे हुए हैं।

CBSE स्कूलों के लिए बनेगा अलग सब कैडर

शिक्षा विभाग ने CBSE स्कूलों के लिए शिक्षकों का अलग सब कैडर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। कैबिनेट की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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इस प्रस्ताव के तहत अब CBSE स्कूलों में पढ़ाने के लिए हर शिक्षक पात्र नहीं होगा। सब कैडर में शामिल होने के लिए चयन परीक्षा अनिवार्य करने की योजना है। केवल वही शिक्षक इस कैडर में रखे जाएंगे, जो परीक्षा में सफल होंगे।

सरकार के सामने तीन विकल्प

शिक्षा विभाग ने सब कैडर गठन के लिए सरकार के सामने तीन विकल्प रखे हैं। इन तीनों विकल्पों में से किसे अपनाया जाएगा, इसका अंतिम फैसला कैबिनेट बैठक में होगा-

  • चयन परीक्षा के माध्यम से चयन- इसके तहत परीक्षा आयोजित कर ऐसे शिक्षकों का चयन किया जाएगा, जिनकी विषय पर पकड़ और शिक्षण गुणवत्ता बेहतर हो।
  • पहले से CBSE स्कूलों में कार्यरत शिक्षक- जो शिक्षक पहले से CBSE स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें अनुभव के आधार पर सब कैडर में शामिल करने का विकल्प।
  • नई भर्ती का रास्ता- अगर जरूरत पड़ी तो CBSE स्कूलों के लिए अलग से नई भर्तियां भी की जा सकती हैं।

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परीक्षा नहीं दी तो स्कूल से हटना तय

सब कैडर व्यवस्था लागू होने के बाद मौजूदा CBSE स्कूलों में तैनात शिक्षकों के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा। अगर कोई शिक्षक चयन परीक्षा नहीं देता या सब कैडर में शामिल नहीं होना चाहता, तो उसे उस स्कूल से हटना पड़ेगा।

कई शिक्षकों की बढ़ी धुक-धुकी

खास बात यह है कि शहरों और उनके आसपास के अधिकांश स्कूल अब CBSE हो चुके हैं। इन स्कूलों में कई शिक्षक वर्षों से जमे हुए हैं और इनमें से अनेक की राजनीतिक व प्रशासनिक पकड़ भी मजबूत मानी जाती है। ऐसे में यह फैसला कई समीकरणों को बदल सकता है।

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कब हटेगा तबादलों पर लगा प्रतिबंध?

वर्तमान में शिक्षा विभाग ने बीच सत्र में तबादलों और सेवानिवृत्ति पर रोक लगा रखी है, लेकिन मार्च में यह प्रतिबंध खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही सामान्य तबादलों पर लगा प्रतिबंध भी हट जाएगा।

 

प्रतिबंध हटते ही तबादलों की बाढ़ आ सकती है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में शिक्षक एक साथ इधर-उधर किए जाएंगे, जिससे पूरे विभाग में उथल-पुथल मचना तय मानी जा रही है।

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विभागीय स्तर पर तेज हुई तैयारियां

इस बड़े प्रशासनिक कदम को देखते हुए विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलों से पूरी जानकारी अपडेट करवाई जा रही है। इन सभी आंकड़ों के आधार पर तबादलों की सूची तैयार की जाएगी-

  • कहां-कहां पद खाली हैं?
  • किन शिक्षकों की पदोन्नति संभावित है?
  • मार्च में कितने कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं?
  • किन स्कूलों में शिक्षक सरप्लस हैं?

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शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा दूरगामी असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना लागू होती है, तो इससे न केवल शिक्षकों की कार्यप्रणाली बदलेगी, बल्कि CBSE स्कूलों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। वहीं, लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे शिक्षकों की स्थिति भी बदलनी तय है।

100 स्कूल HP बोर्ड से CBSE

आपको बता दें कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 100 स्कूलों को HP बोर्ड से CBSE में बदला जा रहा है। इन स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की तैनाती को लेकर भी सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को CBSE स्कूलों में तैनाती के लिए परीक्षा से गुजरना होगा।

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