#यूटिलिटी
December 17, 2025
हिमाचल के सरकारी शिक्षकों के लिए बुरी खबर : नहीं मिलेंगी सर्दियों की छुट्टियां, जानें कारण
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उपनिदेशकों को जारी किए निर्देश
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूल के शिक्षकों के लिए एक बुरी खबर है। सर्दियों की छुट्टियों में घूमने का प्लान बना रहे कुछ शिक्षकों को शिक्षा निदेशालय ने बड़ा झटका दिया है। दरअसल, कई शिक्षकों को शीतकालीन अवकाश नहीं मिलेगा।
इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। शिक्षा निदेशालय के इस फैसले के बाद कई शिक्षकों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। जबकि, कुछ लोग इस फैसले को सही बता रहे हैं।
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक शैक्षणिक सत्र के बीच स्थानांतरित हुए हैं या फिर जो पहले ही गर्मियों की छुट्टियां ले चुके हैं- ऐसे शिक्षकों को अब सर्दी की छुट्टियां नहीं मिलेंगी। इन शिक्षकों को सर्दियों की छुट्टियों के दौरान भी अपनी सेवाएं देनी होंगी।
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा उपनिदेशकों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं। निदेशालय का कहना है कि एक ही शैक्षणिक सत्र में दो बार अवकाश का लाभ लेना नियमों के अनुरूप नहीं है, इसलिए इस व्यवस्था को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
जारी आदेशों के अनुसार, मध्य सत्र में जिन शिक्षकों का तबादला ग्रीष्मकालीन स्कूलों से शीतकालीन स्कूलों में किया गया है और जिन्होंने पहले ही ग्रीष्मकालीन अवकाश लिया है, वे एक जनवरी 2026 से मध्य फरवरी 2026 तक प्रस्तावित शीतकालीन अवकाश के पात्र नहीं होंगे।
इन शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन स्कूलों से सटे शीतकालीन स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाएगा, ताकि शैक्षणिक और प्रशासनिक काम पर असर ना पड़े। निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन शिक्षकों की ड्यूटी स्कूलों की आवश्यकता के अनुसार तय की जाएगी और उन्हें नियमित रूप से सेवाएं देनी होंगी।
शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे सभी शिक्षकों की पहचान करें, जो इस श्रेणी में आते हैं। संबंधित स्कूलों से पूरा विवरण जुटाकर एक सूची तैयार की जाएगी।
इसके बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन शिक्षकों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश का लाभ ले लिया है, उन्हें किसी भी स्थिति में शीतकालीन अवकाश न दिया जाए। साथ ही उपनिदेशकों को यह जिम्मेदारी भी सौंपी गई है कि आवश्यकता के अनुसार इन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समय पर सुनिश्चित हो, ताकि स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था बाधित न हो।
प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों में एक जनवरी 2026 से मध्य फरवरी तक शीतकालीन अवकाश प्रस्तावित है। इस अवधि के दौरान अधिकांश स्कूलों में पढ़ाई बंद रहती है, लेकिन जिन शिक्षकों पर यह नियम लागू होगा, वे इस समय भी ड्यूटी पर रहेंगे और उन्हें अन्य स्कूलों में सेवाएं देनी होंगी।
निदेशालय ने यह भी जानकारी दी है कि शीतकालीन स्कूलों में 31 दिसंबर को शिक्षक-अभिभावक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस संवाद के दौरान अभिभावकों को उनके बच्चों की पढ़ाई, प्रगति और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। इसके अगले दिन यानी एक जनवरी 2026 से शीतकालीन अवकाश शुरू होगा, जबकि फरवरी से इन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र आरंभ किया जाएगा।
इस फैसले को शिक्षा विभाग प्रशासनिक संतुलन और समानता के रूप में देख रहा है, ताकि किसी भी शिक्षक को एक ही सत्र में दो बार लंबे अवकाश का अनुचित लाभ न मिले और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर इसका असर न पड़े।