#अपराध
May 24, 2026
हिमाचल : नशा बेच खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, सरकार ने लिया एक्शन- जमीन-मकान किया जब्त
पिता और जीजा के नाम पर नहीं थी कोई प्रोपर्टी
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कांगड़ा। कहते हैं कि गलत तरीके से कमाया गया पैसा ज्यादा दिन तक टिकता नहीं। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला है, जहां पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़ी करोड़ों रुपये की कथित अवैध संपत्ति को फ्रीज कर बड़ी कार्रवाई की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला कांगड़ा के चलवाड़ा गांव का है। कांगड़ा पुलिस ने ज्वाली के चलवाड़ा निवासी गौरव कुमार और उसके परिवार की करीब 95.67 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। पुलिस का कहना है कि यह संपत्ति कथित तौर पर नशे के कारोबार से कमाई गई थी। यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत की गई है, जिसके बाद अब आरोपी इन संपत्तियों को बेच या किसी और के नाम ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।
यहां अक्टूबर 2025 में जिला कांगड़ा की विशेष टीम ने गौरव कुमार को चरस तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। 3 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 1.006 किलो चरस बरामद की थी। इसके बाद नगरोटा बगवां थाना में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने सिर्फ नशे की बरामदगी तक ही जांच सीमित नहीं रखी, बल्कि आरोपी की आर्थिक स्थिति और उसकी संपत्तियों की भी गहराई से जांच की। जांच में सामने आया कि गौरव कुमार, उसके पिता विजय कुमार और उसके जीजा धुन्धी के नाम पर कई संपत्तियां मौजूद हैं। पुलिस को शक है कि ये संपत्तियां नशा तस्करी से कमाए गए पैसों से खरीदी गई थीं।
जांच पूरी होने के बाद थाना प्रभारी नगरोटा बगवां ने 22 अप्रैल 2026 को इन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश जारी किए। बाद में 22 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी ने भी इस कार्रवाई को मंजूरी दे दी।
कांगड़ा के SP अशोक रतन ने बताया कि जिला पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी में शामिल लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सिर्फ तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनकी अवैध कमाई और संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी ताकि नशे के कारोबार की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।
SP अशोक रतन ने यह भी बताया कि इससे पहले बैजनाथ क्षेत्र की रहने वाली कथित नशा तस्कर सोनिया राणा की करीब 96.77 लाख रुपये की संपत्ति भी फ्रीज की गई थी। अब तक जिला कांगड़ा में कुल 1.92 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई हो चुकी है।