शिमला: राज्य ऊर्जा निगम के महाप्रबंधक विमल नेगी की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अब तेज कर दी गई है। इस प्रकरण को लेकर सरकार ने विस्तृत पड़ताल के आदेश दिए हैं, जिसके तहत सर्विस बुक, निगम की हाजिरी रिकॉर्ड और पिछले तीन महीनों के अन्य आधिकारिक दस्तावेज को खंगालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रदेश सरकार ने इस गंभीर मामले की जांच का जिम्मा अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ओंकार शर्मा को सौंपा है, जिन्होंने दिल्ली से लौटने के बाद जांच प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
प्रशासन ने जुटाए अहम दस्तावेज
जांच प्रक्रिया के तहत उन अधिकारियों और कर्मचारियों का पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जिन पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा विमल नेगी के साथ काम करने वाले अन्य कर्मचारियों की हाजिरी भी जांच के दायरे में रखी गई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल BJP के गढ़ में लगे 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे: भड़क उठे लोग
बताया जा रहा है कि बीते छह महीनों के दौरान हस्ताक्षरित फाइलों, निगम कार्यालय में आई और प्रेषित की गई फाइलों का पूरा डाटा भी इकट्ठा किया जा रहा है। इसके जरिए यह समझने की कोशिश की जा रही है कि कहीं किसी प्रकार का प्रशासनिक या मानसिक दबाव तो नहीं बनाया जा रहा था, जिससे विमल नेगी को परेशानी का सामना करना पड़ा हो।
पुलिस भी कर रही समानांतर जांच
इस मामले में प्रदेश पुलिस ने भी अलग से जांच शुरू की है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने विमल नेगी के करीबी सहयोगियों, परिवार के सदस्यों और सहकर्मियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : सिर पर नहीं था पिता का साया, गरीबी का फायदा उठा शख्स ने लूटी आबरू- कर दिया प्रेग्नेंट
इसके अलावा निगम कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने भी यह आरोप लगाया था कि उन्हें प्रताड़ित किया जाता था और देर रात तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। यही कारण है कि इस पहलू को भी जांच के केंद्र में रखा गया है।
15 दिनों में मांगी गई जांच रिपोर्ट
प्रदेश सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को 15 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। जांच अधिकारी ओंकार शर्मा ने स्पष्ट किया है कि निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।
कर्मचारियों में चिंता
इस पूरे घटनाक्रम के चलते राज्य ऊर्जा निगम के कर्मचारियों में भय और चिंता का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि कार्यस्थल पर मानसिक दबाव की बात सही साबित होती है, तो यह एक गंभीर मुद्दा होगा, जिस पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी होगी।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार की कैबिनेट आज : एक्शन में CM, बड़े फैसलों की उम्मीद
बहरहाल, विमल नेगी की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनके जवाब तलाशने के लिए सरकार ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में नए खुलासे होने की संभावना है। अब सभी की नजरें 15 दिनों में आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि आगे क्या कार्रवाई होगी।
