कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में आए दिन बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के साथ होने वाले यौन अपराधों से जुड़े ढेरों मामले सामने आते हैं। इन मामलों में पीड़िताओं को इंसाफ पाने के लिए लंबे वक्त तक इंतजार करना पड़ता है। मगर हिमाचल के जिला कांगड़ा में कोर्ट ने दो साल की सुनवाई के बाद ही दुष्कर्म के आरोपी को कठोर कारावास की सजा सुना दी है।
नाबालिग से किया था रेप
यह मामला 25 नवंबर, 2023 का है। आरोपी पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था। जहां पर फिर उसने उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और उसे इस बारे में किसी से कुछ बताने को भी मना किया।
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घर से लापता हुई बेटी
बच्ची के घर पर नहीं दिखी तो उसकी मां ने बेटी के लापता होने की शिकायत इंदौरा पुलिस थाने में दर्ज करवाई। पीड़िता की मां ने वर्दीश उर्फ पम्मा नाम के व्यक्ति पर बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया।
बेटी ने मां को बताया सच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने चंद घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूरी सच्चाई सामने आई- जिसे सुनते ही पीड़िता की मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। जांच में पाया गया कि पम्मा नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
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20 साल की मिली सजा
इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा। 19 जनवरी, 2024 को अदालत में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया गया। जहां पर दो साल तक सुनवाई चली और मुकदमे के दौरान कोर्ट में खई गवाहों को पेश करने, सभी दलीलों को सुनकर अदालत ने पम्मा को दोषी पाया। अब कोर्ट ने दुष्कर्म करने वाले दोषी पम्मा को 20 साल के कठोर कारावास और 30 हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। वहीं, जुर्माना ना देने पर सजा की वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है।
