चंबा। "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" और "चोर-चोर मौसेरे भाई" जैसी कहावतें जब हकीकत बनकर सामने आएं, तो मामला चौंकाने वाला ही होता है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां लाखों रुपये की अवैध लकड़ी छिपाकर बैठा एक व्यक्ति खुद दूसरे की शिकायत करने थाने पहुंच गया। उसने गांव की एक महिला पर अवैध लकड़ी रखने का आरोप लगाया, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि शिकायतकर्ता ही कठघरे में खड़ा हो गया।
पुलिस ने जब महिला के घर छापेमारी की, तो वहां से अवैध लकड़ी बरामद हुई, लेकिन असली खुलासा तब हुआ जब आरोपी महिला ने शिकायतकर्ता के घर भी अवैध लकड़ी की जानकारी जांच अधिकारी को दे दी। निष्पक्ष जांच का हवाला देते हुए जब जांच अधिकारी शिकायतकर्ता के घर पहुंचा तो वहां भी अवैध लकड़ी बरामद हुई। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और शिकायतकर्ता खुद कानून के शिकंजे में आ गया।
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शिकायतकर्ता निकला खुद आरोपी
मामला चंबा जिला के भरमौर क्षेत्र के वन मंडल चुराह का है। यहां मान सिंह नामक व्यक्ति ने गांव की ही एक महिला कस्तूरी देवी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई कि उसने जंगल से देवदार के पेड़ों का अवैध कटान कर अपने घर में लकड़ी के स्लीपर छिपा रखे हैं। शिकायत सीएम पोर्टल तक पहुंची, जिसके बाद वन विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
पहले महिला के घर छापा
वन विभाग की टीम ने सर्च वारंट हासिल कर महिला के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से कुल 34 स्लीपर बरामद किए गए, जिनमें 9 देवदार और 24 कायल की लकड़ी शामिल थी। महिला के पास इन स्लीपरों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए गए, जिससे अवैध कटान की पुष्टि हुई।
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फिर खुली शिकायतकर्ता की पोल
जांच यहीं नहीं रुकी। निष्पक्षता बरतते हुए वन विभाग की टीम जब शिकायतकर्ता मान सिंह के घर पहुंची, तो वहां से भी देवदार के 6 स्लीपर बरामद किए गए। हैरानी की बात यह रही कि मान सिंह के पास भी लकड़ी से संबंधित कोई वैध कागजात नहीं थे। इस तरह जो व्यक्ति खुद को शिकायतकर्ता बताकर सामने आया था, वही कानून के शिकंजे में आ गया।
लाखों की लकड़ी जब्त
वन विभाग के अनुसार दोनों के घरों से बरामद देवदार और कायल के स्लीपरों की अनुमानित बाजार कीमत करीब ढाई लाख रुपये है। सभी स्लीपरों को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। अब यह जांच की जा रही है कि यह लकड़ी किन जंगलों से काटी गई और इसमें और कौन.कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पूरी कार्रवाई पारदर्शिता के साथ की गई। सर्च अभियान के दौरान बणंतर पंचायत के प्रधान भीलो राम और वार्ड सदस्य बाली भी मौके पर मौजूद रहे। उनके सामने ही लकड़ी जब्त की गई और पंचनामा तैयार किया गया।
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वन विभाग करेगा जंगल की निशानदेही
वन मंडल अधिकारी सुशील कुमार गुलेरिया ने बताया कि शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों के पास से अवैध देवदार और कायल की लकड़ी बरामद हुई है और किसी के पास भी वैध दस्तावेज नहीं हैं। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी किस जंगल से काटी गई। जरूरत पड़ी तो कटान वाले पेड़ों की निशानदेही भी करवाई जाएगी।
