हमीरपुर। अच्छी नौकरी की तलाश में विदेश जाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह खबर एक चेतावनी है। जिला हमीरपुर से सामने आए एक मामले में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक को विदेश में फंसा दिया गया और उससे जबरन साइबर अपराध करवाया गया।
एजेंट से मिला युवक फिर धोखे का खेल हुआ शुरू
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज बुधवार को हमीरपुर जिले के भोरंज थाना में एक FIR दर्ज करवाई गई है। शिकायत में पीड़ित युवक ने बताया कि वह चंडीगढ़ में रहने वाले एक एजेंट के संपर्क में आया था। एजेंट ने उसे विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का लालच दिया। इसके बाद तय योजना के अनुसार युवक को पहले थाईलैंड भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उसके साथ धोखाधड़ी शुरू हो गई।
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ऑनलाइन ठगी का करवाते थे काम
पीड़ित युवक ने बताया कि उसे गलत तरीके से बॉर्डर पार करवाकर म्यांमार ले जाया गया। वहां उसे बंधक बनाकर रखा गया और जबरदस्ती साइबर अपराध के काम में लगाया गया। उससे ऑनलाइन ठगी और दूसरी गैरकानूनी गतिविधियां करवाई जाती थीं। विरोध करने पर मानसिक दबाव और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
300 लोग को म्यांमार से लाया वापिस
म्यांमार में फंसे भारतीय लोगों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में एक बड़ा बचाव अभियान चलाया था। इस दौरान भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से करीब 300 भारतीयों को सुरक्षित देश वापस लाया गया। इस समूह में हिमाचल प्रदेश के करीब 30 युवक शामिल थे,
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जिनमें से दो युवक हमीरपुर जिले के थे। दिल्ली पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इन युवकों से लंबी पूछताछ और जांच की। जांच पूरी होने के बाद सभी युवकों को उनके परिवार वालों के हवाले कर दिया गया।
गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने हिमाचल प्रदेश पुलिस को कार्रवाई की सलाह दी थी। इसके बाद भोरंज पुलिस ने चंडीगढ़ के एजेंट और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता 2023 और इमीग्रेशन एक्ट 1983 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
