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January 7, 2026
हिमकेयर पर राजनीति खत्म- जयराम ठाकुर की स्कीम का पैसा चुकाएगी सुक्खू सरकार
सहारा योजना का भी होगा लोकल ऑडिट
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शिमला। आज के दौर में जब इलाज सबसे बड़ा बोझ बनता जा रहा है, तब हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में किसी योजना का भरोसेमंद होना सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की ज़रूरत बन जाता है। हिमकेयर योजना भी लाखों परिवारों के लिए ऐसा ही सहारा रही है। लेकिन बीते तीन सालों से यह योजना विवाद, बकाया भुगतान और निजी अस्पतालों की नाराज़गी के चलते लगातार सवालों में रही। अब सुक्खू सरकार ने इस योजना को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए भुगतान और सिस्टम सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया है।
शिमला में मंगलवार को राज्य सचिवालय में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सहारा योजना और हिमकेयर योजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में CM ने साफ निर्देश दिए कि हिमकेयर के तहत निजी अस्पतालों की लंबित देय राशि का भुगतान जल्द किया जाए, ताकि इलाज की व्यवस्था दोबारा सुचारू हो सके। बता दें कि ये योजना जयराम सरकार के समय चलाई गई थी। जिसमें परिवार को 5 लाख तक का फ्री स्वास्थ्य लाभ दिया जाता था।
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CM ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन निजी अस्पतालों का पैसा लंबे समय से अटका है, उसका शीघ्र निपटान किया जाए। बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह तक सरकार करीब 280 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है।
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इसमें से 211 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों को दिए जा चुके हैं, जबकि लगभग 110 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। CM ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में हैं और इलाज के नाम पर किसी भी स्तर पर अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में यह अहम फैसला भी लिया गया कि अब हिमकेयर योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में मौजूद प्राइवेट वार्ड में भी इलाज की अनुमति दी जाएगी। इससे उन मरीजों को राहत मिलेगी जो सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधा चाहते हैं, लेकिन निजी अस्पतालों के भारी खर्च का बोझ नहीं उठा सकते।
CM सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिमकेयर योजना में पंजीकरण के दौरान लाभार्थियों का सत्यापन अब फेस रिकॉग्निशन के जरिए किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और डिजिटल टेक्नोलॉजी विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और योजना का लाभ सिर्फ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।
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CM ने कहा कि हिमकेयर योजना के डेटा का विश्लेषण कर प्रदेश में फैल रही बीमारियों की स्थिति समझी जाएगी। इस आधार पर भविष्य की स्वास्थ्य नीतियां बनाई जाएंगी, ताकि संसाधनों का सही दिशा में इस्तेमाल हो सके।
बैठक में सहारा योजना को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। सीएम ने योजना का लोकल ऑडिट करवाने के निर्देश दिए और कहा कि पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटियां गठित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंचे, न कि कागज़ों तक सीमित रह जाए।
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CM ने बैठक में कहा कि राज्य में रोबोटिक सर्जरी, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, पैट स्कैन, स्पैक्ट स्कैन, आदर्श स्वास्थ्य संस्थान, रोगी मित्र योजना और आईजीएमसी शिमला में ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को अपने घर के नज़दीक बेहतर इलाज मिले।