ऊना। हिमाचल प्रदेश में कई बार बाहरी राज्यों से आने वाले लोग अपने आप को फर्जी बड़े अधिकारी बताकर रौब झाड़ने का प्रयास करते हैं। कई बार तो यह लोग अपनी गाड़ियों पर झूठ का ही पुलिस, विधायक या कुछ और लिखवा कर आते हैं, ताकि हिमाचल में पुलिस प्रशासन उनकी आवभगत करे। लेकिन ऐसे लोग हिमाचल पुलिस की नजर से बच नहीं पाते हैं। ऐसा ही एक मामला आज ऊना जिला के गगरेट से सामने आया है।
गगरेट में दिखी संदिग्ध कार
दरअसल आज गगरेट में एक पंजाब नंबर की गाड़ी पहुंची थी। गगरेट पहुंचने पर इस संदिग्ध कार को देखकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को शक हुआ। कार के आगे और पीछे बड़े.बड़े अक्षरों में पुलिस लिखा हुआ था और छत पर नीली बत्तियां भी लगी थीं। जैसे ही पुलिस ने चालक को रोकने का इशारा किया, उसने वाहन की रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी और कुछ ही देर में मुबारिकपुर बैरियर पर उस वाहन को पकड़ लिया गया।
यह भी पढ़ें : BREAKING: हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित, यहां देखें
नाकाबंदी कर पकड़ा संदिग्ध कार चालक
पुलिस जांच में सामने आया कि कार का चालक न तो पुलिस विभाग से जुड़ा है और न ही उसके पास इस पहचान को इस्तेमाल करने की कोई वैध अनुमति है। आरोपी की पहचान रंजीत सिंह, निवासी भगवान नगर ढोलवाल लुधियाना पंजाब के रूप में हुई है। वाहन की छानबीन करने पर पाया गया कि इसमें पुलिस की तरह नीली बत्ती सायरन और विशेष पहचान वाले स्टिकर लगे हुए थे, जो आम नागरिक के लिए पूर्णतः अवैध हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में चलती कार पर दरकी पहाड़ी, एक ही गांव के चार लोग थे सवार- चीखों से दहला इलाका
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे हैड कांस्टेबल परमजीत चौहान ने मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत रंजीत सिंह पर 6000 रुपए का चालान किया और तुरंत प्रभाव से वाहन से सभी अवैध चिन्ह हटवाए गए।
क्या सिर्फ रौब दिखाना था मकसद
यह घटना कई सवाल खड़े करती है, क्या आरोपी सिर्फ दिखावे के लिए ऐसा कर रहा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इस फर्जी पहचान का उपयोग किसी आपराधिक गतिविधि के लिए तो नहीं किया जा रहा था।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में सड़क बहाल कर रही JCB खाई में गिरी, ड्राइवर ने त्यागे प्राण- वीडियो देख कांप उठेगी रूह
पुलिस की अपील
गगरेट पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि वे किसी भी वाहन पर सरकारी पहचान जैसे कि नीली बत्तीए पुलिसए सेना या किसी अन्य विभाग से जुड़ी फर्जी पहचान का इस्तेमाल होते देखेंए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गगरेट ट्रैफिक पुलिस की तत्परता ने एक संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया है। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि जागरूक नागरिक और सतर्क प्रशासन ही समाज में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रख सकते हैं।
