शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ पुलिस ने पूरी तरह सख्त रुख अपना लिया है। सरकार के एंटी-चिट्टा अभियान के तहत अब लगातार बड़े तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों के बाद पुलिस मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरी हुई है। अब तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 96 बड़े और आदतन नशा बेचने वाले तस्करों को पकड़कर अंदर किया जा चुका है और एक नया कानून लागू किया गया है।
बड़े नेटवर्क का किया जा रहा है पर्दाफाश
पुलिस का कहना है कि यह कोई सामान्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि ठोस खुफिया जानकारी, निगरानी और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। खास बात यह है कि अब सिर्फ छोटे-मोटे सप्लायर नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस किया जा रहा है।
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कुख्यात तस्करों को किया गिरफ्तार
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार NDPS Act और पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत संगठित गिरोहों पर सीधे वार किए जा रहे हैं। 19 फरवरी को आठ बड़े और कुख्यात तस्करों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए थे।
आदतन नशा तस्करों को नहीं मिलेगी बेल
जारी किए गए आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही इन आदतन नशा तस्करों के खिलाफ ऐसी कानूनी कार्रवाई की गई है, जिससे उन्हें आसानी से जमानत न मिल सके और वे दोबारा इस अवैध धंधे में शामिल न हो पाएं।
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अलग-अलग जिलों में पकड़े गए तस्कर
इनमें से पांच आरोपी शिमला से, एक देहरा से, एक नूरपुर से और एक ऊना से पकड़ा गया है। अलग-अलग जिलों की पुलिस टीमों ने मिलकर यह ऑपरेशन चलाया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी प्लानिंग और सटीक जानकारी के आधार पर की गई, जिससे नशा सप्लाई करने वाले संगठित नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
2025 और 2026 के आंकड़े
पुलिस विभाग के अनुसार साल 2025 के अंत तक 65 बड़े नशा तस्करों को कानून के तहत जेल भेजा जा चुका था। वहीं साल 2026 में अब तक 31 और तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। इस तरह कुल 96 आदतन और संगठित तस्करों पर कानूनी शिकंजा कस दिया गया है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। आगे भी ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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पुलिस की अब संपत्तियों पर भी नजर
सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अब इन तस्करों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि नशे के पैसों से कौन-कौन सी चल और अचल संपत्ति खरीदी गई है। अगर अवैध कमाई से संपत्ति खरीदने के सबूत मिलते हैं तो उन्हें जब्त और कुर्क भी किया जा सकता है। पुलिस का मानना है कि जब तक तस्करों की आर्थिक कमर नहीं तोड़ी जाएगी, तब तक नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
जनता से सहयोग की अपील
हिमाचल पुलिस ने साफ कहा है कि नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। आम लोगों से अपील की गई है कि अगर कहीं भी नशा तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत 112 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
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पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाना और प्रदेश को नशा मुक्त बनाना है। सरकार और पुलिस दोनों का दावा है कि आने वाले समय में यह अभियान और भी तेज किया जाएगा।
