हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में 130 ग्राम चिट्टे के साथ भोरंज पुलिस के हत्थे चढ़ा संजय कुमार (25) दिल्ली, चंडीगढ़ और नोयडा में अच्छी खासी नौकरी कर रहा था। मां-बाप के देहांत के बाद अनिल चिट्टा तस्कर बन गया।

 
पुलिस ने जब उसकी पुरानी फाइल खंगाली तो पता चला कि संजय कुमार पंजाब के जीरकपुर में 60 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार होने के बाद 19 महीने की जेल काट चुकी है। पुलिस के अनुसार, संजय कुमार भोरंज के सेऊ गांव में अपने भाई के साथ रहता है। वह लंबे समय से चिट्टा तस्करी में शामिल था। उस पर पहले ही दो मामले दर्ज हैं। इससे पहले वह मंडी जिले के सुंदरनगर में 95 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ाया था। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। 

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इस तरह पुलिस के जाल में फंसा 

शिमला के रहने वाले एक व्यक्ति ने 3 दिन पहले हमीरपुर आकर कुछ लोगों को चिट्टा बेचा और बचा हुआ माल संजय कुमार को सौंप दिया। पुलिस तक सूचना पहुंचने के बाद संजय कुमार को चिट्टे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है। 

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मोटर मैकेनिकल में आईटीआई कर चुका 


पुलिस ने बताया कि संजय कुमार मोटर मैकेनिकल ट्रेड में आईटीआई कर चुका है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने कुछ समय तक हिमाचल प्रदेश से बाहर नौकरी की। माता-पिता के देहांत के बाद भाई की देखभाल करने के लिए वह नौकरी छोड़कर गांव आ गया और वहीं चिट्टा तस्करी के जाल में फंस गया। 


पूछताछ में होंगे बड़े खुलासे


हमीरपुर पुलिस को संजय कुमार से पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद है। पुलिस चिट्टा तस्करों से उसके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाना चाहती है। माना जा रहा है कि संजय कुमार के संपर्क में राज्य के कुछ रसूखदार और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। संजय कुमार की सीडीआर भी खंगाली जा रही है।

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