चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण खबर सामने आई है। यहां एक प्राचीन मंदिर में आगजनी की घटना ने पूरे क्षेत्र में सांप्रदायिक सुगबुगाहट तेज कर दी है। आगजनी की इस घटना के पीछे मुस्लिम समुदाय के नाबालिग लड़के का हाथ बताया जा रहा है।
जालपा माता मंदिर में आगजनी
चंबा जिले के अंतर्गत जडेरा पंचायत के कलियूं गांव में स्थित ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र प्राचीन जालपा माता मंदिर में शुक्रवार रात आग लगा दी गई। इस घटना ने ना केवल स्थानीय ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है बल्कि पूरी देवभूमि में हिंदू संगठनों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
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जल उठीं मूर्तियां और पवित्र वस्त्र
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात जब गांव सन्नाटे में था, तभी मंदिर परिसर से आग की लपटें उठती देखी गईं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत मौके पर मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के एक 12 वर्षीय लड़के ने जानबूझकर मंदिर के अंदर आग लगाई।
इस आगजनी में माता की मूर्ति और उन्हें अर्पित किए गए पवित्र कपड़े व अन्य सामग्री बुरी तरह झुलस गई है। चश्मदीदों का कहना है कि यदि ग्रामीण समय रहते न पहुंचते तो लकड़ी से बना ये प्राचीन मंदिर पूरी तरह राख हो सकता था।
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पुलिस कार्रवाई और कानूनी मोड़
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर थाना चंबा की टीम रात को ही घटनास्थल पर पहुंच गई और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार को आरोपित नाबालिग और उसके परिजनों को थाने तलब किया।
SP चंबा विजय सकलानी के अनुसार:
जालपा माता मंदिर मामले में आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
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हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन
इस घटना की खबर फैलते ही शनिवार को बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भारी संख्या में चंबा थाने के बाहर इकट्ठा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने इस कृत्य को धार्मिक भावनाओं पर सीधा हमला करार दिया है।
- मांग: संगठनों ने मांग की है कि इस घटना के पीछे की साजिश और कारणों की गहराई से जांच हो।
- आक्रोश: कार्यकर्ताओं का कहना है कि देवभूमि की शांति भंग करने वाली ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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फिलहाल कलियूं गांव और आसपास के क्षेत्रों में माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान ना देने की अपील की है। पुलिस ये भी जांच रही है कि इस घटना के पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ है या ये महज एक बालक की नासमझी है।
