#अपराध
June 4, 2026
हिमाचल: कार में नशा भरकर सप्लाई करने निकले थे दो तस्कर, एक किलो से भी अधिक चरस संग धरे
कार में 1.345 किलोग्राम चरस के साथ दो युवक गिरफ्तार
शेयर करें:

नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में पुलिस की लगातार सख्ती और विशेष अभियान के बावजूद नशे का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन तस्कर नशीले पदार्थों की बड़ी.बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार हो रहे हैं। ताजा मामला कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां पुलिस ने चरस की बड़ी खेप के साथ दो कथित तस्करों को दबोचने में सफलता हासिल की है।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि दोनों आरोपी कार में नशे की खेप भरकर किसी स्थान पर सप्लाई देने के लिए निकले थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा और उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
जानकारी के अनुसार पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए टीम को संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने हरड़ पुल के समीप निगरानी बढ़ा दी और इलाके में नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस की नजर सड़क किनारे खड़ी एक संदिग्ध कार पर पड़ी। टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में वाहन की तलाशी लेने का निर्णय लिया।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार की लॉटरी के नियम तैयार, 3 माह में पहला ड्रा; 5 करोड़ के इनाम को कितने में मिलेगा टिकट
तलाशी के दौरान पुलिस को कार की चालक सीट के नीचे एक काला प्लास्टिक बैग मिला। जब बैग को खोलकर देखा गया तो उसमें भारी मात्रा में चरस बरामद हुई। पुलिस द्वारा मौके पर किए गए वजन में चरस की मात्रा 1.345 किलोग्राम पाई गई। इतनी बड़ी मात्रा में बरामद नशा यह संकेत देता है कि इसे व्यक्तिगत उपयोग के बजाय अवैध तस्करी और सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन में सवार दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। आरोपियों की पहचान कांगड़ा जिले के जवाली क्षेत्र निवासी अश्वनी कुमार तथा शाहपुर क्षेत्र निवासी सुनील राणा उर्फ ईशु के रूप में हुई है। पुलिस ने चरस के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी कब्जे में ले लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह भी पढ़ें : कूड़ा नहीं बनेगा बोझ! हिमाचल में प्लास्टिक के कचरे से बनेंगी सड़कें- सरकार ने जारी किए नए नियम
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद चरस कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि मामले के तार किसी बड़े नशा तस्करी गिरोह से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में बड़ा हा.दसा: अपने ही ट्रैक्टर के नीचे दब गया चालक, बाहर निकाला पर नहीं बची जा.न
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उनका कहना है कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए आम जनता की सहभागिता बेहद जरूरी है। यदि किसी को अपने आसपास नशे के कारोबार या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।