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March 7, 2026

हिमाचल: पुलिस की नौकरी के साथ देखा UPSC का सपना, 5 बार हुए असफल; पत्नी को फोन पर मिली खुशखबरी

विजिलेंस इंस्पेक्टर ने UPSC में मारी बाजी, पत्नी के फोन से मिली सफलता की खबर

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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश पुलिस में सेवा दे रहे एक इंस्पेक्टर ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो जिम्मेदारियों के बीच भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो में तैनात निरीक्षक संजीव कुमार ने पुलिस की नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और कड़ी तैयारी के बीच संतुलन बनाते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल की है। देशभर में 844वीं रैंक प्राप्त कर उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है।

पत्नी के फोन से मिली सबसे बड़ी खुशखबरी

संजीव कुमार की सफलता की कहानी उस समय और भी खास बन गई, जब UPSC का परिणाम घोषित हुआ। उस समय वह शिलाई क्षेत्र के आधिकारिक दौरे पर थे। इसी दौरान उनकी पत्नी रितु चौधरी का फोन आया और उन्होंने संजीव को उनके जीवन की सबसे बड़ी खबर दी कि उनका चयन हो गया है।

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संजीव मानते हैं कि उनकी सफलता के पीछे उनकी पत्नी का बहुत बड़ा योगदान है। रितु चौधरी ने न केवल उनका मनोबल बढ़ाया बल्कि तैयारी के दौरान हर कदम पर उनका साथ भी दिया। खास बात यह है कि रितु स्वयं भी प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।

संघर्षों के बीच बनी सफलता की कहानी

संजीव कुमार का जन्म 14 अगस्त 1995 को एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता प्यार सिंह दिहाड़ी मजदूरी करते थे, जबकि माता वीना देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद संजीव ने बचपन से ही बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना देखा और उसी दिशा में लगातार मेहनत करते रहे।

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उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल से पूरी की और बाद में धर्मशाला डिग्री कॉलेज से बीएससी (नॉन मेडिकल) की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन्स को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना।

पांच बार असफलता, फिर भी नहीं टूटा हौसला

संजीव कुमार की कहानी धैर्य और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HPAS) की परीक्षा में पांच बार इंटरव्यू तक पहुंचकर भी सफलता हासिल नहीं की। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे।

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UPSC में भी उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा। चार प्रयासों के बाद पहली बार वह इंटरव्यू तक पहुंचे और इसी प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली।

पुलिस सेवा के साथ जारी रखी तैयारी

संजीव कुमार का चयन वर्ष 2020 में हिमाचल प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर हुआ था। इसके बाद से ही उन्होंने पुलिस सेवा के साथ-साथ UPSC की तैयारी जारी रखी। जनवरी 2025 से वह नाहन में विजिलेंस विभाग में तैनात हैं।

उन्होंने बताया कि विजिलेंस विभाग में कार्य के बीच जो समय मिलता था, उसी का उपयोग उन्होंने पढ़ाई के लिए किया। कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने अपने लक्ष्य की ओर लगातार कदम बढ़ाए।

इंटरव्यू में पूछे गए ये सवाल

संजीव कुमार ने बताया कि UPSC साक्षात्कार के दौरान उनसे कांगड़ा पेंटिंग, दलाई लामा और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विषयों से जुड़े सवाल पूछे गए थे। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ सभी सवालों के जवाब दिए।

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आज संजीव कुमार की यह सफलता कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि जिम्मेदारियों के बीच भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।

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