कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की पुलिस टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने बैकवर्ड लिंक के जरिए चिट्टा तस्करी के एक मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस को मिली गुप्त सूचना
जानकारी के अनुसार, बीती 15 मई को CIA टीम नूरपुर को गुप्त सूचना मिली थी कि भदरोया क्षेत्र में एक घर में भारी मात्रा में चिट्टा छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित घर में दबिश दी।
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सिलाई मशीन में छिपाया था चिट्टा
तलाशी के दौरान पुलिस को सिलाई मशीन के नीचे बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखी गई 41.40 ग्राम हैरोइन बरामद हुई। बरामदगी के बाद पुलिस ने मौके से मां और बेटे को गिरफ्तार कर लिया था।
मां-बेटा और साथी गिरफ्तार
मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की और नशे की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे। जिनके आधार पर पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज पर काम करते हुए मनमोहन सिंह उर्फ बीरू (22) को गिरफ्तार किया- जो कि भदरोया, इंदौरा का रहने वाला है।
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किसे सप्लाई करनी थी खेप?
बताया जा रहा है कि आरोपी का संबंध नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ पाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और किन-किन क्षेत्रों तक इसकी सप्लाई की जानी थी।
और लोग भी होंगे गिरफ्तार...
पुलिस प्रशासन का कहना है कि केवल नशा पकड़ना ही मकसद नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ना प्राथमिकता है। इसी कारण पुलिस बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज दोनों पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं तथा कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आने की संभावना है।
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चिट्टा तस्करी के बढ़ते मामले
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ समय से चिट्टा तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों और बाहरी राज्यों से जुड़े रास्तों के माध्यम से नशे की खेप हिमाचल तक पहुंच रही है। इसका सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है, जिससे कई परिवार चिंता में हैं।
