#अपराध
May 18, 2026
हिमाचल : लड़की से मिला था 1 करोड़ का नशा, 4 पुलिसवालों के बाद अब होटल मालिक गिरफ्तार
पूछताछ में उगला मुख्य सप्लायर का नाम
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार लगातार नए और खतरनाक रूप लेता जा रहा है। पहले जहां अलग-अलग उम्र के नशा तस्कर पुलिस के शिकंजे में आते थे, वहीं अब प्रदेश में नए-नए तरह के सिंथेटिक ड्रग्स भी पकड़े जा रहे हैं। इसी बीच राजधानी शिमला में सामने आए हाई-प्रोफाइल LSD तस्करी मामले ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है।
इस मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं और जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे ड्रग नेटवर्क की गहरी परतें खुलती जा रही हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस काले कारोबार में सिर्फ बाहरी तस्करों का ही नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था से जुड़े लोगों का नाम भी सामने आने लगा है। ऐसे में यह मामला अब केवल नशा तस्करी तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक न्यू शिमला थाना में 10 मार्च 2026 को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब के मोगा निवासी संदीप शर्मा और सिरमौर निवासी प्रिया शर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों के कब्जे से 562 स्ट्रिप यानी स्टाम्प साइज एलएसडी बरामद की गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद LSD का कुल वजन 11.570 ग्राम था, जो कमर्शियल मात्रा की श्रेणी में आता है। इतनी बड़ी मात्रा में LSD की बरामदगी ने पुलिस को भी सतर्क कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ NDPS एक्ट और BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू की तो मामले में कई अहम जानकारियां सामने आने लगीं। शुरुआती जांच में पता चला कि इस खेप का मुख्य सप्लायर केरल के कालीकट का रहने वाला नविएल हैरिसन है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की और 13 मार्च 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को उम्मीद थी कि नविएल की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क के बारे में बड़ी जानकारी मिलेगी और ऐसा ही हुआ। जांच के दौरान पुलिस के हाथ कई डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य लगे, जिनकी फॉरेंसिक जांच भी करवाई गई। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर STF '(स्पेशल टास्क फोर्स) के चार कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
इसके बाद विस्तृत जांच और पूछताछ की गई, जिसके बाद चारों कर्मियों को 19 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। इस खुलासे के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया, क्योंकि ड्रग तस्करी जैसे गंभीर मामले में सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों का नाम सामने आना बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि LSD की यह पूरी डील जिला कुल्लू के एक होटल में हुई थी। जांच में सामने आया कि सी रॉक होटल में आरोपी नविएल हैरिसन ने एलएसडी की खेप सौंपी थी। इसके बाद पुलिस ने होटल की गतिविधियों और वहां मौजूद रिकॉर्ड को खंगालना शुरू किया। जांच टीम ने होटल की हार्ड डिस्क और डीवीआर जब्त किए और उनकी फॉरेंसिक जांच करवाई।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ कि होटल की CCTV फुटेज को जानबूझकर डिलीट किया गया था ताकि सबूत मिटाए जा सकें। पुलिस को शक हुआ कि इस काम में होटल प्रबंधन की भी भूमिका हो सकती है। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने होटल के पार्टनर ऑनर को 16 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार कर लिया।
संजीव कुमार, गांव बुशोणा, जिला कुल्लू के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है और ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर यह नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।